
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी को लेकर चेतावनी जारी की है. IMD ने पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में 23 अप्रैल तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है.
साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 और 21 अप्रैल को हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है. इसके अलावा मौसम विभाग ने झारखंड में 22 अप्रैल तक जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 23 अप्रैल तक हीटवेव का अलर्ट जारी है. वहीं, इस बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और ओडिशा में हीटवेव की संभावना बनी हुई है.
महाराष्ट्र में हाय गर्मी
महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. इस चिलचिलाती धूप ने नागरिकों का हाल बेहाल कर दिया है. विशेष रूप से गोंदिया शहर के प्रमुख चौराहों पर सिग्नल लाल होने के कारण लोगों को काफी देर तक कड़ी धूप में खड़ा रहना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.
जनता की इस समस्या को देखते हुए, नागरिकों ने जिला यातायात शाखा के पुलिस निरीक्षक नागेश भास्कर से अनुरोध किया कि दोपहर के समय सिग्नल बंद रखे जाएं. नागरिकों की इस जायज मांग पर संज्ञान लेते हुए यातायात पुलिस ने एक जरूरी फैसला लिया है. इस बीच सिग्नल बंद रहने का समय दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक तय किया गया है. इसके बाद शाम 4 बजे से सिग्नल फिर से चालू कर दिए जाएंगे.
इस फैसले के कारण अब नागरिकों को तपती धूप में चौराहों पर रुकना नहीं पड़ रहा है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिला है. जिला यातायात पुलिस के इस मानवीय कदम की शहरवासियों द्वारा सराहना की जा रही है.
दिल्ली में बढ़ेगा पारा
भारत मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 20 अप्रैल को अधिकतम तापमान 39°C से 41°C और न्यूनतम तापमान 20°C से 22°C के बीच रहने की संभावना है. ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहेगा, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा सकता है.

आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत के संकेत नहीं हैं, दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 40°C से 42°C के बीच बना रह सकता है.
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यहां लू चलने की संभावना नहीं है, लेकिन तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण स्वास्थ्य को लेकर जोखिम बना रह सकता है. इसका असर खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है.
क्या सावधानियां बरतें: