ज्ञानवापी मस्जिद (फाइल फोटो) Gyanvapi Case Live Updates: वाराणसी के श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी मस्जिद मामले में जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश की कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट ने श्रृंगार गौरी में पूजा के अधिकार की मांग को लेकर दायर याचिका को सुनवाई के योग्य माना है. हिंदू पक्ष की ओर से ज्ञानवापी परिसर में स्थित श्रृंगार गौरी समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर नियमित पूजा अर्चना करने की अनुमति दिए जाने की मांग की गई थी. वहीं, मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में पोषणीय नहीं होने की दलील देते हुए इस केस को खारिज करने की मांग की थी. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 07 नियम 11 के तहत इस मामले में सुनवाई हो सकती है.
अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि आज बड़ा दिन है जो मुस्लिम पक्ष मंदिर पर हिंदू पक्ष के अधिकार को गलत बताता था, आज उसे जवाब मिला. यही नहीं मथुरा और काशी के साथ 20 हजार और मंदिर ऐसे हैं जहां पर भी हम विजय हासिल करेंगे.
कोर्ट के फैसले पर ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मौलाना ख़ालिद रशीद फ़िरंगी महली का भी बयान आया है. वह बोले कि अभी जो बातें सामने आयी हैं वो मीडिया के ज़रिए से सामने आयी हैं. लीगल टीम पूरे मामले की स्टडी करेगी. हम सब लोग मुल्क को तरक़्क़ी के रास्ते पर ले जाना चाहते हैं और कोई विवादित और धार्मिक मुद्दे न उठाए जाएं पर उस केस (रामजन्मभूमि) के बाद भी places of worship act को नज़रंदाज़ कर इस तरह के मामले आ रहे हैं वो लीगल एक्स्पर्ट्स को देखना चाहिए.
हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा, कोर्ट ने हमारी बहस को मान लिया है. मुस्लिम पक्ष के आवेदन को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि याचिका सुनवाई योग्य है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी. याचिकाकर्ता सोहन लाल आर्य ने कहा, ये हिंदू समुदाय की जीत है. अगली सुनवाई 22 सितंबर को है. आज का दिन ज्ञानवापी मंदिर के लिए शिलान्यास का दिन है. हम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं. याचिकाकर्ता मंजू व्यास ने कहा कि आज पूरा भारत खुश है. मेरे हिंदू भाई-बहनों को जश्न मनाने के लिए दिए जलाने चाहिए.
कोर्ट ने श्रृंगार गौरी में पूजा के अधिकार की मांग को लेकर दायर याचिका को सुनवाई के योग्य माना है. हिंदू पक्ष की ओर से ज्ञानवापी परिसर में स्थित श्रृंगार गौरी समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर नियमित पूजा अर्चना करने की अनुमति दिए जाने की मांग की गई थी. वहीं, मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में पोषणीय नहीं होने की दलील देते हुए इस केस को खारिज करने की मांग की थी. कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की दलील को खारिज करते हुए अपने फैसले में कहा है कि सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 07 नियम 11 के तहत इस मामले में सुनवाई हो सकती है.
ज्ञानवापी केस पर फैसला आज #ATLivestream #GyanvapiCase https://t.co/GPxeyRtNJS
— AajTak (@aajtak) September 12, 2022
याचिकाकर्ता महिला मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और रेखा पाठक कोर्ट रूम पहुंच गई हैं. कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह भी पहुंच गए हैं. वकील विष्णु जैन और हरिशंकर जैन भी कोर्ट में मौजूद हैं.
Hindu women who had filed petitions seeking the right to worship Maa Shringar Gauri on the outer wall of the Gyanvapi mosque complex located next to the Kashi Vishwanath temple going to Varanasi Court ahead of the judgement pic.twitter.com/Jz14bq0EFD
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) September 12, 2022
ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर लखनऊ में भी अलर्ट जारी किया गया है. लखनऊ चौक चौराहे से लेकर नखास तक पुलिस कमिश्नर ने पैदल मार्च किया. सुरक्षा को देखते हुए कमिश्नर ने पैदल मार्च किया है. ड्रोन से पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है.
जिला कोर्ट में श्रृंगार गौरी के अलावा अन्य सभी केस में अगली तारीख लगा दी गई है. बताया जा रहा है कि फैसला 2 बजे लंच के बाद आ सकता है. उधर, हिंदू पक्ष भी कोर्ट रूम पहुंच गया है.
सेक्टर स्कीम लागू की गई है. संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही फुट पेट्रोलिंग की जाएगी. PRV और QRT की टीमें सेंसिटिव पॉइंट्स पर लगाई जाएंगी. इंटर डिस्ट्रिक्ट बॉर्डर पर चेकिंग की जाएगी. होटल, धर्मशाला और गेस्ट हाउस की चेकिंग होगी. सोशल मीडिया पर लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं.
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर को सेक्टर्स में बांटा गया है, जिन्हें जरूरत के मुताबिक पुलिस बल आवंटित किया गया है. उन्होंने कहा कि संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च और पैदल मार्च करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं. जिले के सीमावर्ती इलाकों, होटलों और गेस्ट हाउसों में चेकिंग तेज कर दी गई है.
सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है.
जिला जज अजय कृष्ण ने 24 अगस्त को इस मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया था और 12 सितंबर को फैसला सुनाने का ऐलान किया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 23 मई से जिला कोर्ट में सुनवाई चल रही है. नागरिक प्रक्रिया संहिता सीपीसी के आदेश 7 नियम 11 के तहत ये केस सुनने योग्य है या नहीं, इसी पर कोर्ट में सुनवाई चल रही थी. पिछली सुनवाई में मुस्लिम पक्ष ने दलीलें दी थीं.
इस फैसले को देखते हुए कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. कोर्ट परिसर में करीब 250 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. वाराणसी एसीपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि वाराणसी में 2000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं. पीस कमेटियों के साथ कई स्तर की बातचीत की गई है. पुलिस अलर्ट पर है.