यूपी के गाजियाबाद से एक दिल झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. जिले के माजरा झुंडपुरा गांव में एक 11 साल के बच्चे की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई. ये घटना नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के कुछ समय बाद की ही है, जिसकी कार घने कोहरे के बीच एक गहरे पानी की खाई में गिर गई थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बुधवार (21 जनवरी 2026) को 11 साल का आहिल अपने घर से करीब 50 मीटर दूर खेल रहा था. इस दौरान वो गलती से 2.5 फुट गहरे नाले में गिर गया. पुलिस ने बताया कि परिवार वालों और पड़ोसियों ने उसे बाहर निकाला और अस्पताल ले गए.
जब बच्चे को नाले से बाहर निकाला गया तो वो बेहोश था. पड़ोसियों ने उसे गर्म पानी से साफ किया और फिर उसे हापुड़ जिले के पिलखुवा कस्बे के एक अस्पताल में ले गए, जहां उसकी मौत हो गई. पोस्टमार्टम के बाद, पिलखुवा पुलिस ने शव परिवार वालों को सौंप दिया. जिसके बाद गुरुवार को उसे दफना भी दिया गया.
स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (मसूरी) लिपि नागाइच ने बताया कि स्थानीय पुलिस को इस घटना की जानकारी देर से मिली.
इस घटना से स्थानीय निवासी गुस्से में हैं और उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि इलाके में बच्चे अक्सर खेलते हैं, इसके बावजूद इस नाले को न तो ढका गया और न ही बाउंड्री वॉल लगाई गई.
कुछ दिन पहले भी हुई थी एक बच्चे की मौत
लोगों ने बताया कि 8 जनवरी को भी मोमिन कॉलोनी में एक 5 महीने के बच्चे की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई थी. लेकिन फिर भी नगर निगम ने लापरवाही बरती. ऐसे में स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कथित लापरवाही को डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के सामने उठाने की बात भी कही है.
पुलिस ने जानकारी दी है कि मृतक आहिल के पिता का नाम जाहिद है, जो पेशे से एक प्लंबर हैं. वो ग्रेटर नोएडा के सोहरखा गांव के रहने वाले हैं, लेकिन फिलहाल अपनी पत्नी और बच्चों के साथ माजरा झुंडपुरा में रहते हैं.