राष्ट्रपति भवन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र के अनावरण को लेकर विवाद छिड़ गया है. केंद्र सरकार ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उस दावे का खंडन किया है कि जिसमें उसने राष्ट्रपति द्वारा अनावरण किए गए सुभाष चंद्र बोस के चित्र को 'नकली' करार दिया है. टीएमसी का दावा है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नेताजी के जिस चित्र का अनावरण किया है, वह एक्टर प्रोसेनजीत चटर्जी का है.
बहस को "फेक" करार देते हुए केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति भवन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का चित्र उनकी एक मूल तस्वीर पर आधारित है. सरकार ने कहा कि साफ पता चल रहा है कि पूरी बहस नकली है और खराब शोध पर आधारित है.
'नकली' चित्र की बहस क्या है?
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 23 जनवरी को स्वतंत्रता सेनानी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में समारोह की शुरुआत करते हुए राष्ट्रपति भवन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र का अनावरण किया.
President Kovind unveils the portrait of Netaji Subhas Chandra Bose at Rashtrapati Bhavan to commemorate his 125th birth anniversary celebrations. pic.twitter.com/Y3BnylwA8X
— President of India (@rashtrapatibhvn) January 23, 2021
सोशल मीडिया पर कई ने दावा किया कि चित्र में कुछ घालमेल है. कई सोशल मीडिया यूजर्स का आरोप था कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जिस चित्र का अनावरण किया वो नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नहीं था, बल्कि अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी का था.
एक्टर प्रोसेनजीत चटर्जी ने श्रीजीत मुखर्जी की निर्देशित 2019 की बंगाली फिल्म 'गुमनामी' में सुभाष चंद्र बोस की भूमिका निभाई. यह फिल्म नेताजी की डेथ मिस्ट्री के रहस्य से संबंधित है.
टीएमसी ने क्या कहा?
नेताजी की तस्वीर में खामी निकालने वालों में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी शामिल थीं. टीएमसी सांसद ने सोमवार को लिखा, 'राम मंदिर के लिए 5 लाख रुपये दान करने के बाद राष्ट्रपति प्रोसेनजीत के चित्र का अनावरण कर नेताजी का सम्मान किया. अभिनेता ने बायोपिक में नेताजी का रोल निभाया था.' महुआ मोइत्रा ने लिखा, भारत को भगवान बचाए.
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र का अनावरण राष्ट्रपति भवन में उनकी 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में साल भर चलने वाले समारोह की शुरुआत के लिए किया गया था. सरकार ने नेताजी की जयंती 23 जनवरी को हर साल पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 में हुआ था.
वहीं बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कहा कि टीएमसी नेता न तो नेताजी को पहचानते हैं और न ही जानते हैं कि लोकप्रिय बंगाली अभिनेता प्रोसेनजीत कैसे दिखते हैं... यह उनके बंगाल कनेक्शन और जुड़ाव को दर्शाता है? अब हम जानते हैं कि क्यों पिशी ने बंगाल से नेताजी और अन्य भारतीय महापुरुषों को लेकर भ्रम फैला रही हैं.