कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि वह अपनी राज्यसभा सीट खाली कर रहे हैं और तीसरी बार उच्च सदन में जाने का कोई इरादा नहीं है. दिग्विजय सिंह का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है.
भोपाल में एएनआई से बातचीत के दौरान जब उनसे तीसरी बार राज्यसभा जाने को लेकर सवाल पूछा गया, तो दिग्विजय सिंह ने कहा, "मैं अपनी सीट खाली कर रहा हूं." उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला उनका है और वह आगे राज्यसभा में जाने की दौड़ में शामिल नहीं होंगे.
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दिग्विजय सिंह ने इस दौरान राजनीतिक सहमति और संवैधानिक प्रक्रियाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कई मुद्दे ऐसे होते हैं, जिन पर जन चर्चा और जन सहमति जरूरी होती है. उन्होंने कहा, "अगर हम ईमानदारी से संविधान के तहत उसका पालन करते रहें, तो किसी को कोई दिक्कत नहीं होती. कई विषय ऐसे हैं जिन पर आम सहमति बनानी चाहिए और उसी के माध्यम से आगे बढ़ना चाहिए."
राज्यसभा सीट छोड़ रहे हैं दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि कई फैसले व्यक्तिगत नियंत्रण में नहीं होते, लेकिन अपनी भूमिका को लेकर वह इतना जरूर कह सकते हैं कि वह राज्यसभा की सीट छोड़ रहे हैं. उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर एक स्पष्ट संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि वह अब प्रदेश की राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं.
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने भेजी थी चिट्ठी
गौरतलब है कि, दिग्विजय सिंह पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वह मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहकर पार्टी संगठन को मजबूत करना चाहते हैं. इसी कड़ी में हाल ही में मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने दिग्विजय सिंह को एक पत्र लिखा था, जिसमें राज्यसभा में अनुसूचित जाति के प्रतिनिधित्व को भेजने की मांग उठाई गई थी.
दिग्विजय सिंह के इस ऐलान के बाद कांग्रेस में राज्यसभा की संभावित दावेदारी और प्रदेश की राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि आने वाले समय में वह संगठनात्मक गतिविधियों और जमीनी राजनीति पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं.