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IMD का बड़ा अलर्ट... देशभर में बिगड़ने वाला है मौसम, दिल्ली-NCR में आज रात भारी ओलावृष्टि के आसार

दिल्ली-NCR में रविवार की रात बारिश, ओले और आंधी का अलर्ट है. मौसम विभाग के अनुसार यह असर पश्चिमी विक्षोभ की वजह से है. 7 से 9 अप्रैल के बीच इसका प्रभाव और बढ़ेगा, जिससे देश के बड़े हिस्से में भारी ओलावृष्टि हो सकती है. किसानों को तुरंत फसल कटाई की सलाह दी गई है.

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पश्चिमी विक्षोभ का असर, दिल्ली में बारिश की आशंका, 7 से 9 अप्रैल भारी ओलावृष्टि. (Photo: IMD)
पश्चिमी विक्षोभ का असर, दिल्ली में बारिश की आशंका, 7 से 9 अप्रैल भारी ओलावृष्टि. (Photo: IMD)

दिल्ली-NCR में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है. रविवार की रात से राजधानी और आसपास के इलाकों में बारिश, ओले और छिटपुट आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है. खास तौर पर गुड़गांव, दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा में मौसम में बदलाव की 50 से 70 प्रतिशत संभावना बताई जा रही है.

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सिस्टम छिटपुट प्रकृति का है. यानी एक इलाके में तेज बारिश हो सकती है, जबकि पास का इलाका पूरी तरह सूखा रह सकता है. ये अनुमान है कि NCR का लगभग 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा सूखा रह सकता है. फिर भी बारिश की संभावना है. लोगों को सावधानी की सलाह है.

इस मौसम बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ है. यह भूमध्य सागर से आने वाला नमी से भरा सिस्टम होता है, जो उत्तर भारत में बारिश, गरज और ओलावृष्टि का कारण बनता है. 3 और 4 अप्रैल को एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ गुजर चुका है, जिसका असर अभी भी बना हुआ है. 

इसी कारण दिल्ली में अप्रैल के महीने में अगस्त जैसा मौसम महसूस हो रहा है. गुड़गांव, दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और नोएडा ऐसे इलाके हैं, जहां आज रात मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है. 4 अप्रैल को भी गुड़गांव के पश्चिम विक्षोभ की वजह से तेज बारिश और ओले गिरे थे. 

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रविवार की रात भी कुछ वैसा ही पैटर्न देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, 7 से 9 अप्रैल के बीच एक और अधिक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ देश के बड़े हिस्से को प्रभावित करेगा. इसका असर  देश के करीब 30 से 40 प्रतिशत हिस्से पर पड़ेगा, जिसमें कई बड़े राज्य शामिल हैं.

इसका असर राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तरी मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों तक देखने को मिल सकता है. मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए किसानों को खास तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है. 

जिन इलाकों में गेहूं की फसल कटने के लिए तैयार है, उन्हें 6 अप्रैल से पहले कटाई करने की सलाह दी गई है. 3 और 4 अप्रैल को गिरे गोल्फ-बॉल जितने बड़े ओलों ने पहले ही राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भारी नुकसान पहुंचाया है. अब उससे भी ज्यादा नुकसान होने की आशंका है.

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 7 से 10 अप्रैल के बीच मैदानी इलाकों में तेज बारिश, गरज और ओलावृष्टि का दौर जारी रह सकता है. हालांकि 8 से 10 अप्रैल के बाद यह सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा और एक बार फिर गर्मी तेजी से लौटेगी. अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा सूखा और ज्यादा गर्म रहने का अनुमान है.

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