मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी के भीतर मचे घमासान पर अब कांग्रेस ने भी हमला तेज कर दिया है. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनके समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान हाईवे जाम कर दिया गया और पथराव की घटना भी सामने आई. इस वजह से करीब 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया और स्थिति पर काबू पाया.
इस घटनाक्रम पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और बीजेपी को घेरते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी टिप्पणी की. उन्होंने लिखा, "गृह मंत्री मोहन यादव हाज़िर हो! ये उपद्रवी और हुड़दंगी आपकी पार्टी के कार्यकर्ता हैं. बीजेपी के भीतर लगी आग से मध्य प्रदेश नहीं जलना चाहिए." पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास गृह विभाग भी है, इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है.
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को बीजेपी की अंदरूनी कलह का नतीजा बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. आपको बता दें कि दतिया उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. ग्वालियर-चंबल की राजनीति में इस फैसले की गूंज अब उनके पैतृक नगर डबरा तक पहुंच गई है. नरोत्तम मिश्रा के घर के बाहर दिनभर समर्थकों की चौपाल लगी रही. कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे पार्टी के लिए नुकसानदायक बताया.
समर्थक बोले, जिसको टिकट दिया उसे कोई नहीं जानता
समर्थकों का कहना है कि घोषित प्रत्याशी को क्षेत्र में कोई नहीं जानता और वे चाहते हैं कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा ही चुनाव लड़ें. इस बीच खबर है कि डॉ. मिश्रा शुक्रवार देर रात दिल्ली रवाना हो गए हैं, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं. डबरा में डॉ. नरोत्तम मिश्रा के पैतृक आवास के बाहर सुबह यहां हुई चर्चाओं में कार्यकर्ताओं ने खुलकर नाराजगी जताई. कई समर्थकों ने कहा कि पार्टी ने एक अनुभवी और मजबूत नेता के साथ न्याय नहीं किया. उनका दावा है कि टिकट बदलने की मांग को लेकर प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर बीजेपी आलाकमान से मुलाकात करेगा.
समर्थकों का कहना है कि बीजेपी ने जिस उम्मीदवार को टिकट दिया है, उसे क्षेत्र के अधिकांश लोग जानते तक नहीं हैं. उनका मानना है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा की संगठन और जनता के बीच मजबूत पकड़ है और ऐसे समय में उनका टिकट काटना पार्टी को चुनाव में भारी पड़ सकता है. इधर, डॉ. नरोत्तम मिश्रा के देर रात दिल्ली रवाना होने की जानकारी के बाद सियासी चर्चाएं और तेज हो गई हैं. हालांकि बीजेपी की ओर से टिकट बदलने को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है.