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EC के नोटिस पर कांग्रेस ने दाखिल किया जवाब, पीएम पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी 

कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को चुनाव आयोग द्वारा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को जारी किए गए नोटिस का संक्षिप्त जवाब दाखिल किया. कांग्रेस ने खड़गे की 'आतंकवादी' टिप्पणी पर आए इस नोटिस को 'गलत इरादों' से प्रेरित बताया है. पार्टी का दावा है कि इस बयान से आदर्श आचार संहिता या किसी अन्य कानून का उल्लंघन नहीं हुआ है.

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चुनाव आयोग के नोटिस पर कांग्रेस ने दाखिल किया जवाब.. (Photo: PTI)
चुनाव आयोग के नोटिस पर कांग्रेस ने दाखिल किया जवाब.. (Photo: PTI)

कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को चुनाव आयोग द्वारा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को जारी किए गए नोटिस का संक्षिप्त जवाब दाखिल किया और विस्तृत जवाब देने के लिए एक हफ्ते का वक्त मांगा है. कांग्रेस ने खड़गे की 'आतंकवादी' टिप्पणी पर आए इस नोटिस को 'गलत इरादों' से प्रेरित बताया है. पार्टी का दावा है कि इस बयान से आदर्श आचार संहिता या किसी अन्य कानून का उल्लंघन नहीं हुआ है.

कांग्रेस ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने स्वयं स्पष्टीकरण दे दिया है,  उन्होंने कहा कि वह (प्रधानमंत्री मोदी) जनता और राजनीतिक दलों को डरा रहे हैं. मैंने कभी नहीं कहा कि वह आतंकवादी हैं. मेरा मतलब यह है, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं, कि मोदी हमेशा धमकी देते हैं. ईडी, आयकर और सीबीआई जैसी संस्थाएं उनके नियंत्रण में हैं. वह परिसीमन को भी अपने हाथ में लेना चाहते हैं. इसलिए मैंने उस संदर्भ में कहा कि वह जनता और राजनीतिक दलों को डरा रहे हैं.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर विस्तृत जवाब देने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा है.

कांग्रेस नेता ने पत्र में कहा, 'हमने एक ही नंबर F. No. 437/TNLA/2026/SS-I (MCC Complaint) वाले दो नोटिस प्राप्त किए हैं, दोनों ही नोटिस 22.04.2026 को दिए गए हैं और दो अलग-अलग अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं.' उन्होंने कहा कि यदि कोई नोटिस वापस ले लिया गया था तो दोनों में से किसी भी नोटिस में इसका कोई उल्लेख नहीं है.

रमेश ने कहा, 'हम आपका ध्यान इस तथ्य की ओर आकर्षित करना चाहेंगे कि एक नोटिस में तो ये भी उल्लेख किया गया है कि आदर्श आचार संहिता के तथाकथित उल्लंघन का आधार अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन की दिनांक 21.04.2026 की शिकायत थी. दूसरा नोटिस जो आपकी वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है, उसमें आश्चर्यजनक रूप से शिकायतकर्ता के रूप में उनका नाम हटा दिया गया है.'

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उन्होंने कहा कि ये इस बात का संकेत है कि चुनाव आयोग कितनी लापरवाही और नियमित तरीके से केवल सत्ताधारी पार्टी के शिकायतकर्ताओं के बयानों के आधार पर और बिना किसी विचार-विमर्श के कारण बताओ नोटिस जारी कर रहा है और जवाब दाखिल करने के लिए केवल 24 घंटे का समय दे रहा है.

खड़गे को जवाब देने के लिए दिए गए अल्प समय पर आश्चर्य जताते हुए जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव प्रचार के बीच व्यस्त हैं, इसलिए 24 घंटे का समय निश्चित रूप से पर्याप्त नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे मुख्य चुनाव आयुक्त नोटिस को औपचारिकता के तौर पर निभा रहे हैं, न कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के अनुरूप.

अंत में कांग्रेस नेता ने पत्र में कहा कि हम एक हफ्ते के अंदर विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय चाहते हैं और साथ ही कांग्रेस नेताओं के एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल को इसे प्रस्तुत करने का अवसर भी चाहते हैं.

दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. बाद में खड़गे ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उनका मतलब था कि मोदी लोकतंत्र की भावना को आतंकित कर रहे हैं. इसके बाद बीजेपी नेताओं ने खड़गे के बयान पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग दी थी. इसके बाद आयोग ने 22 अप्रैल को खड़गे को 24 घंटे के अंदर जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया गया था. इसका कांग्रेस विरोध कर रही है. 

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