सुरक्षाबलों ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है. इसी बीच गुरुवार को सुरक्षाबलों की एक टीम ने ऑपरेशन कगार शुरू किया है. ये ऑपरेशन इलाके में चल रही निरंतर एंटी-नक्सली सर्चिंग और इलाके में नियंत्रण गतिविधियों का हिस्सा है.
सुरक्षाबलों की टीम ने बताया कि खुफिया इनपुट के आधार पर जंगली इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था. ये कार्रवाई केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी (DRG) और कोबरा यूनिट द्वारा संयुक्त रूप से की गई है.
ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट-2
इसी क्रम में सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट-2 शुरू कर दिया है जो कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में केंद्रित है. इस बड़े अभियान में करीब 2000 से अधिक जवान शामिल हैं, जिनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), छत्तीसगढ़ पुलिस, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और कोबरा यूनिट के कमांडो शामिल हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों ने करीब 300 नक्सलियों को घेरने की जानकारी दी है. चार वरिष्ठ नक्सली कमांडर इस अभियान में विशेष निशाने पर हैं. सरेंडर न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. वर्तमान में इलाके की सर्चिंग और सैनिटाइजेशन का काम चल रहा है. उच्चाधिकारियों को घटनाक्रम की जानकारी दे दी गई है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है.
नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य
बता दें कि सरकार ने 31 मार्च 2026 तक राज्य से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री ने रायपुर का दौरा किया था, जहां उन्होंने नक्सल ऑपरेशन की समीक्षा बैठक की थी. इसके बाद ये बड़ा ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट 2.0 लॉन्च किया गया है.