अगले साल होने वाली जनगणना के लिए गृह मंत्रालय की तरफ से बड़ा अपडेट आया है. इसमें Census 2027 के कुछ चरणों की जानकारी साझा की गई है. गृह मंत्रालय ने बताया कि जनगणना का पहला फेज इसी साल यानी 2026 के अप्रैल-सितंबर के बीच शुरू होगा.
सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, जनगणना 2027 का पहला चरण (घरों की सूची तैयार करने का अभियान) 2026 में 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच करीब 30 दिन चलेगा. ये काम सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा.
इस हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन से ठीक पहले 15 दिनों की अवधि में स्व-गणना (self-enumeration) कराने का विकल्प भी उपलब्ध होगा.
2021 में होनी थी जनगणना
बता दें कि देश में जनगणना हर 10 साल में होती है. Census इसके हिसाब से 2021 में ही हो जाना था, लेकिन कोविड-19 महामारी की वजह से इसकी तारीख आगे बढ़ती चली गई.
अब देश की जनसंख्या की गणना करने का काम कुल दो चरणों में होगा. अप्रैल से सितंबर 2026 तक घरों की लिस्ट बनाना और आवास जनगणना; और फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना (Population Enumeration).
भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है, 'घर-घर जाकर जनगणना करने के 30 दिनों के अभियान से ठीक पहले 15 दिनों की अवधि में स्व-गणना का ऑप होगा.'
जाति आधारित आंकड़े भी होंगे
सरकार ने पहले ही बताया था कि जनगणना 2027 के जनसंख्या गणना चरण में जाति संबंधी आंकड़ों को भी इलेक्ट्रॉनिक रूप से एकत्रित किया जाएगा. जाति आधारित अंतिम व्यापक जनगणना अंग्रेजों द्वारा 1881 और 1931 के बीच की गई थी. स्वतंत्रता के बाद से आयोजित सभी जनगणनाओं से जाति को बाहर रखा गया है.
अब जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की राजनीतिक मामलों की समिति ने पिछले साल 30 अप्रैल को लिया था.
इस पहली डिजिटल जनगणना के लिए करीब 30 लाख कर्मचारी लगेंगे. इसमें ठीक डेटा को सुनिश्चित करने के लिए एंड्रॉइड और आईओएस दोनों संस्करणों के लिए उपलब्ध मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके डेटा जुटाया जाएगा.
वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक, देश की जनसंख्या 121 करोड़ थी. इसमें से 62 करोड़ (51.54 फीसदी) पुरुष और 58 करोड़ (48 फीसदी) महिलाएं थीं.