
संसद के बजट सत्र में इस बार काफी ड्रामा देखने को मिला. अचानक इस्तीफों से लेकर तीखी बयानबाजी तक मैंने कुछ ऐसी चीजें देखीं जो मेरे लिए भी नई थीं. सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात थी राहुल-प्रियंका का बेहद शांत और सहज रवैया. दोनों ही भाई-बहन पूरे सत्र के दौरान मीडिया के सामने बड़े ही सहज स्वभाव के साथ नजर आए.
गांधी ब्रदर-सिस्टर का नया अवतार
प्रियंका गांधी जवाब देने में ज्यादा तैयार नजर आईं. उन्हें पता रहता था कि जैसे ही वे कार से उतरेंगी, उनके सामने दर्जनों कैमरे और माइक्स होंगे और उन्हें सवालों की गूंज के बीच प्रतिक्रिया देनी ही पड़ेगी.

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मीडियाकर्मी अक्सर मकर द्वार पर खड़े रहते थे और मैं भी ज्यादातर समय वहीं रहती थी. यही वह जगह है जहां सत्ता और विपक्ष के नेता आपस में बात करते, मजाक करते और कभी-कभी खाना भी शेयर करते दिखते. यही गेट है जिससे राहुल-प्रियंका भी संसद में प्रवेश करते हैं.
पिछले हफ्ते संसद में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी टकराव की स्थिति बनी रही और इसके केंद्र में राहुल गांधी थे. बोलने का मौका मिलने पर राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब का जिक्र किया, जिसपर बड़ा विवाद खड़ा हो गया. स्पीकर ने कहा कि यह नियमों के खिलाफ है. गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तरफ से उनका कड़ा विरोध भी देखा गया.

हंगामा हुआ और लोकसभा स्थगित हो गई. मकर द्वार पर मैंने राहुल गांधी को बाहर आते देखा- वे बिल्कुल शांत थे और उन्हें लगा कि उन्होंने अच्छा काम किया. बाहर आते ही वे अपने सहयोगियों के साथ मीडिया से बोले कि उनके पास सबूत हैं और जरूरत पड़ी तो पेश करेंगे. उन्होंने कहा कि वे सिर्फ सरकार से जवाब चाहते हैं. कुछ देर बाद प्रियंका गांधी भी बाहर आईं और कहा कि उनके भाई ने सच बोला है और सरकार इसी कारण घबराई हुई है.
राहुल गांधी और मकर द्वार
पूरा सप्ताह राहुल-प्रियंका आत्मविश्वास के साथ संसद आते-जाते दिखे. वे आमतौर पर 11:15 से 11:45 के बीच पहुंचते थे. राहुल गांधी पहले की तुलना में ज्यादा मुस्कुराते और सहज जवाब देते नजर आए. प्रियंका गांधी भी मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया देती दिखीं.

मकर द्वार की सीढ़ियों पर निलंबित सांसद पिछले दिनों प्रदर्शन कर रहे थे. राहुल गांधी रोज करीब पांच मिनट उनके साथ बिताते थे. एक दिन जब पोस्टर लाया गया जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप थे, राहुल गांधी ने उसे देखकर टिप्पणी की और कहा कि सरकार डर गई है. उन्होंने सांसदों से पोस्टर मीडिया को दिखाने को कहा और फिर संसद में चले गए.
एक तरफ विपक्ष और दूसरी तरफ सरकार
इसके बाद खबर आई कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही है. मैंने संसद के गलियारों में हलचल देखी. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू गृह मंत्री अमित शाह और स्पीकर से मिलते दिखे. निशिकांत दुबे भी बीजेपी नेताओं के साथ चर्चा में थे.

रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को अपने आरोपों के सबूत देने होंगे. सरकार प्रस्ताव लाने की तैयारी में है. वहीं निशिकांत दुबे ने कहा कि दस्तावेजों के साथ आरोप साबित करने के लिए ठोस प्रस्ताव लाया जा सकता है.
विपक्ष की अलग प्लानिंग
इससे पहले विपक्ष स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की रणनीति बना रहा था. तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पुराने संसद भवन में बैठकें कर रही थीं. टीएमसी इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं थी और चाहती थी कि विपक्ष बजट पर चर्चा करे. समाजवादी पार्टी ने भी यही रुख अपनाया. देर रात तक विपक्षी दलों के बीच रणनीति पर बातचीत चली.
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आखिरकार कांग्रेस ने प्रस्ताव को हल्का करते हुए स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाने की बात कही. जब इसे जमा किया गया तो उसमें तारीख की गलती पाई गई, 2026 की जगह 2025 लिखा था. बाद में इसे ठीक कराया गया. इसके बाद बीजेपी ने विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने का फैसला किया.
इस बजट सत्र में निलंबित सांसद सेल्फी पॉइंट बने
मकर द्वार पर इंतजार करते हुए मैंने देखा कि निलंबित सांसदों के पास फोटो खिंचवाने का सिलसिला चल रहा था. शशि थरूर भी वहां पहुंचे, व्हीलचेयर से आए और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं. उन्होंने कहा कि ये सांसद उनके लिए स्टार हैं. हरसिमरत कौर मिठाई लेकर आईं और सांसदों को हौसला दिया. वहीं कांग्रेस सांसदों ने उनके लिए कॉफी मंगवाई, जिन पर INC लिखा था.