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बर्ड फ्लू से बचने के लिए क्या अंडा और चिकन खाना छोड़ देना चाहिए? जान लीजिए

देश में हाल ही में बर्ड फ्लू (H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा) के कुछ मामले सामने आए हैं. बिहार में मुर्गियों, बटेर और कौवों में वायरस की पुष्टि हुई है. ऐसे में लोगों में चिंता बढ़ गई है कि क्या अब चिकन और अंडा खाना बंद कर देना चाहिए? क्या ये खाने से बर्ड फ्लू का खतरा है?

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 Poultry Farm for Chicken and Eggs Business (File Photo-ITG)
Poultry Farm for Chicken and Eggs Business (File Photo-ITG)

पिछले कुछ दिनों में बिहार समेत कई जगहों पर मुर्गियों में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) के मामले सामने आए हैं. पटना में हजारों मुर्गियों को मारकर नष्ट किया गया है और कुछ इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या अब चिकन और अंडा खाना बंद कर देना चाहिए? क्या ये खाने से इंसानों को खतरा है?

विशेषज्ञों और स्वास्थ्य संगठनों का साफ जवाब है – नहीं, बर्ड फ्लू से बचने के लिए चिकन और अंडा खाना छोड़ने की जरूरत नहीं है. बशर्ते सही तरीके से पकाया जाए. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र (CDC) और भारत की FSSAI (खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) जैसी संस्थाएं एकमत हैं कि अच्छी तरह पका हुआ चिकन और अंडा पूरी तरह सुरक्षित है. अच्छी तरह पका चिकन और अंडे खाने से बर्ड फ्लू का कोई खतरा नहीं है.

बर्ड फ्लू का वायरस खाने से क्यों नहीं फैलता?
दरअसल, बर्ड फ्लू का वायरस 74 डिग्री सेल्सियस (165°F) या उससे ज्यादा तापमान पर पूरी तरह नष्ट हो जाता है. ऐसे में चिकन को अंदर तक अच्छी तरह पकाएं, कोई भी हिस्सा बिल्कुल कच्चा न रहे. वहीं,  अंडे को उबालकर, फ्राई करके या पूरी तरह ऑमलेट बनाकर खाएं. ध्यान रखें कि जर्दी और सफेदी दोनों फर्म (पकी) हों.  कच्चा, अधपका (जैसे half-boiled या runny yolk वाला) अंडा या चिकन बिल्कुल न खाएं.  

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बाजार का चिकन और अंडे सुरक्षित क्यों?
फार्म में संक्रमित मुर्गियों को अलग करके तुरंत मार दिया जाता है. ये मुर्गियां या उनके अंडे बाजार में नहीं पहुंचते. FSSAI, पशुपालन विभाग और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत इसकी नियमित जांच होती है. संक्रमित इलाकों से उत्पाद फूड चेन में नहीं जाते.

 2025-26 में भी भारत में बर्ड फ्लू के कई मामले सामने आए, लेकिन बाजार में मिलने वाला चिकन और अंडा ज्यादातर स्वस्थ फार्मों से आता है. अभी तक कोई भी ऐसा प्रमाणित मामला नहीं है जहां अच्छी तरह पका चिकन या अंडे खाने से इंसान को बर्ड फ्लू हुआ हो.

खाना बनाते और खाते समय क्या सावधानियां रखें?

  • कच्चा चिकन या अंडा छूने के बाद कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोएं.
  • कच्चे मांस के लिए अलग चाकू, कटिंग बोर्ड और बर्तन इस्तेमाल करें.
  • कच्चे चिकन को सब्जियों या तैयार खाने के पास न रखें. इससे क्रॉस-कंटेमिनेशन हो सकता है.

क्या बर्ड फ्लू इंसानों में आसानी से फैलता है?

  • बर्ड फ्लू मुख्य रूप से संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क से इंसानों में जाता है, जैसे फार्म वर्कर्स या जो बीमार मुर्गियों को छूते हैं.
  • WHO के अनुसार, दुनिया भर में लाखों लोग चिकन-अंडा खा रहे हैं, लेकिन अच्छी तरह पका हुआ खाने से कोई समस्या नहीं आई है.
  • खाने से फैलने के मामले बहुत दुर्लभ हैं और वो भी सिर्फ कच्चे या अधपके उत्पादों से.

बर्ड फ्लू क्या है और यह कैसे फैलता है?
बर्ड फ्लू एक वायरस है जो मुख्य रूप से पक्षियों (खासकर मुर्गियों) में फैलता है. यह H5N1 जैसे स्ट्रेन से होता है, जो 2022 से दुनिया भर में फैला हुआ है. भारत और कई देशों में समय-समय पर मुर्गी फार्मों में इसके मामले आते हैं. वायरस ज्यादातर संक्रमित पक्षियों के संपर्क से इंसानों में जाता है, जैसे फार्म वर्कर्स जो बीमार मुर्गियों को छूते हैं. लेकिन सही ढंग से पका हुआ खाने से फैलने का खतरा नहीं है.

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