बांग्लादेश में 13वें आम चुनाव के लिए 12 फरवरी को मतदान होना है. लगातार हिंसा की घटनाओं के बीच अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है. हत्या और भीड़ हिंसा जैसी घटनाओं के मद्देनज़र हिंदू समाज में असुरक्षा की भावना बढ़ी है.
चुनाव के दौरान और उसके बाद संभावित हमलों व प्रताड़ना की आशंका को देखते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंदू संगठनों ने मॉनिटरिंग सेल बनाने की घोषणा की है. ढाका से लेकर चिटगांव तक संगठन अपने-अपने क्षेत्रों में अल्पसंख्यक हिंदुओं को सतर्क रखने और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करने की तैयारी में जुटे हैं.
चिटगांव और ढाका में श्री जन्माष्टमी उद्यापन परिषद, बांग्लादेश की केंद्रीय समिति ने 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के मद्देनज़र एक विशेष मॉनिटरिंग सेल का गठन किया है. संगठन के अनुसार यह सेल चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा पर नजर रखेगा.
परिषद ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करना तथा मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं की निगरानी करना है. नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी घटना या समस्या की सूचना मॉनिटरिंग सेल को दें.
मॉनिटरिंग सेल के समन्वयक के रूप में महासचिव आर.के. दास रुपु और कार्यकारी महासचिव बिप्लब डे पार्थ को जिम्मेदारी सौंपी गई है. अन्य सदस्यों के नाम और संपर्क नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग सीधे संपर्क कर सकें.
संगठन ने कहा है कि यह कदम चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और समावेशी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है. साथ ही उम्मीद जताई है कि सभी पक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग करेंगे. इन तैयारियों से स्पष्ट है कि चुनावी माहौल के बीच अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है.