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आंध्र प्रदेश: पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी की बेटी के छुए पैर, लिया आशीर्वाद

पीएम मोदी ने भीमावरम में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, आज जहां देश आजादी के 75 साल का अमृत महोत्सव मना रहा है तो साथ ही अल्लूरी सीताराम राजू की 125वीं जयंती का अवसर भी है. संयोग से इसी समय देश की आजादी के लिए हुई रम्पा क्रांति के 100 साल भी पूरे हो रहे हैं.

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पीएम मोदी ने पसाला कृष्‍णमूर्ति की बेटी पसाला कृष्‍ण भारती के पैर छूकर लिया आशीर्वाद पीएम मोदी ने पसाला कृष्‍णमूर्ति की बेटी पसाला कृष्‍ण भारती के पैर छूकर लिया आशीर्वाद
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी राजू की प्रतिमा का अनावरण किया
  • PM ने स्वतंत्रता सेनानी पसाला कृष्‍णमूर्ति के परिवार से मुलाकात की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के भीमावरम में स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू की प्रतिमा का अनावरण किया. इस दौरान पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित किया. इसके बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी पसाला कृष्‍णमूर्ति के परिवार से मुलाकात की . पीएम मोदी ने पसाला कृष्‍णमूर्ति की बेटी पसाला कृष्‍ण भारती के पैर छूकर आशीर्वाद लिया. कृष्‍ण भारती 90 साल की हैं. उन्होंने पीएम मोदी को आशीर्वाद दिया. पीएम मोदी ने उनके भाई और बहन से भी मुलाकात की. 
 
पीएम मोदी ने भीमावरम में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, आज जहां देश आजादी के 75 साल का अमृत महोत्सव मना रहा है तो साथ ही अल्लूरी सीताराम राजू की 125वीं जयंती का अवसर भी है. संयोग से इसी समय देश की आजादी के लिए हुई रम्पा क्रांति के 100 साल भी पूरे हो रहे हैं. 

पीएम ने कहा, आजादी का संग्राम केवल कुछ सालों का, कुछ इलाकों का, या कुछ लोगों का इतिहास नहीं है. ये इतिहास, भारत के कोने-कोने और कण-कण के त्याग, तप और बलिदानों का इतिहास है. उन्होंने कहा, सीताराम राजू गारू ने जब विदेशी हुकूमत के अत्याचारों के खिलाफ जंग शुरू की थी तब उनकी उम्र केवल 24-25 साल थी. 27 साल की छोटी उम्र में वे इस भारत माता के लिए शहीद हो गए. रम्पा क्रांति में भाग लेने वाले भी कितने ही नौजवानों ने ऐसे ही आयु में देश की आजादी की लड़ाई लड़ी थी. 

पीएम ने कहा, आज अमृतकाल में इन सेनानियों के सपनों को पूरा करने की ज़िम्मेदारी हम सभी देशवासियों की है। हमारा नया भारत इनके सपनों का भारत होना चाहिए। एक ऐसा भारत जिसमें गरीब, किसान, मजदूर, पिछड़ा, आदिवासी सबके लिए समान अवसर हों. उन्होंने कहा, आजादी के बाद पहली बार, देश में आदिवासी गौरव और विरासत को प्रदर्शित करने के लिए आदिवासी संग्रहालय बनाए जा रहे हैं. आंध्र प्रदेश के लंबसिंगी में 'अल्लूरी सीताराम राजू मेमोरियल जन- जातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय' भी बनाया जा रहा है. स्किल इंडिया मिशन के जरिए आज आदिवासी कला-कौशल को नई पहचान मिल रही है. 

 

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