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'मोदी सरकार का अमृत काल छात्रों के लिए मृत काल बन रहा', NEET परीक्षा रद्द होने पर कांग्रेस का सरकार पर तंज

नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने के विवाद पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक से छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है. वहीं जयराम रमेश ने शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्ट बताया. सरकार ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने और अगले वर्ष से कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू करने की घोषणा की है.

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कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है. Photo ITG
कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है. Photo ITG

नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने के विवाद को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. पार्टी ने शनिवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार का 'अमृत काल' छात्रों के लिए 'मृत काल' साबित हो रहा है. कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लगातार परीक्षा लीक और अव्यवस्था ने युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक प्रकरण से उपजे तनाव के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक स्थिति है. खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की भ्रष्ट और अक्षम व्यवस्था ने छात्रों के सपनों को कुचल दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें 'परीक्षा पे चर्चा' के बजाय 'परीक्षा लीक पर चर्चा' करनी चाहिए.

'90 से अधिक परीक्षा प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं'
खड़गे ने दावा किया कि मोदी शासन में 90 से अधिक परीक्षा प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं, जिससे करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों पर प्रतिकूल असर पड़ा है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक गिरोह सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहा है और इससे युवाओं का भविष्य लगातार बर्बाद हो रहा है.

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जयराम रमेश ने भी बोला हमला
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह अक्षम, राजनीतिक रूप से प्रभावित और भ्रष्ट हो चुकी है. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय लगातार विफलताओं से घिरा हुआ है और मंत्री संसद की स्थायी समिति की सिफारिशों को भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.

उन्होंने कहा कि NTA, उच्च शिक्षण संस्थानों में रिक्त पद और अन्य कई मुद्दे सरकार की नाकामी को उजागर करते हैं. रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री इस जिम्मेदारी के योग्य नजर नहीं आते.

वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी. उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित होगी और किसी भी गड़बड़ी पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी.

गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया था. सरकार ने छात्रों को फिर से परीक्षा केंद्र चुनने का विकल्प देने और राज्यों के सहयोग से परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही है.

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