राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल रविवार को एक दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रियाद पहुंचे. इस दौरे का उद्देश्य भारत-सऊदी अरब के रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना माना जा रहा है. अजित डोभाल ने ऊर्जा, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के मुद्दों पर सऊदी अरब के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई बैठकें कीं.
डोभाल का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सऊदी अरब में भारत के राजदूत डॉ. सुहेल खान और सऊदी अरब के डॉ. सऊद अल-साती (डिप्टी मिनिस्टर फॉर पॉलिटिकल अफेयर्स) ने स्वागत किया.
इसके बाद, अजीत डोभाल ने सऊदी के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से मुलाकात की.
सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक परिवर्तनों पर विचार किया. इस चर्चा में कोऑपरेशन और रीजनल डेवलपमेंट पर बातचीत की गई.
अजित डोभाल की सऊदी अरब में यह मीटिंग ऐसे समय में हुई है, जब भारत और सऊदी अरब पारंपरिक कच्चे तेल के अलावा नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और सप्लाई चेन मजबूती के लिए सहयोग बढ़ा रहे हैं.
मीटिंग में ऊर्जा मंत्री अब्दुलअजीज बिन सलमान और सऊदी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. मूसाएद अल-ऐबन भी मौजूद थे.
3 मुख्य बिंदुओं पर हुई वार्ता
बताया जा रहा है कि चर्चा में तीन मुख्य बिंदुओं पर बात हुई, इसमें द्विपक्षीय संबंध, क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और म्यूचुअल इंटरेस्ट से जुड़े मुद्दे शामिल हैं.
प्रिंस फैसल और डॉ. अल-ऐबन के साथ बातचीत में संयुक्त सहयोग और रीजनल डेवलपमेंट पर फोकस किया गया.
भारत और सऊदी अरब ने नौसेना अभ्यास, इंटेलिजेंस शेयरिंग और साइबर सुरक्षा वार्ता सहित डिफेंस और काउंटर-टेरर कोऑपरेशन को लगातार संस्थागत रूप दिया है.
अजित डोभाल की यह यात्रा 2019 में स्थापित स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप काउंसिल में निरंतर गति का संकेत देती है, जिसकी सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान करते हैं.
हाल के महीनों में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने इंडो-पैसिफिक और पश्चिम एशिया के कई देशों के साथ बातचीत भी की है.