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एअर इंडिया के CEO कैम्पबेल विल्सन का इस्तीफा, कंपनी ने शुरू की नए चेहरे की तलाश

एअर इंडिया के सीईओ कैम्पबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है. विल्सन तब तक पद पर बने रहेंगे, जब तक नया सीईओ नियुक्त नहीं हो जाता. एअर इंडिया में सीईओ का पद संभालने से पहले विल्सन ने करीब 26 साल तक सिंगापुर एयरलाइंस के साथ काम किया और कई अहम पदों पर रहे.

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एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने दिया इस्तीफा. (Photo: PTI)
एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने दिया इस्तीफा. (Photo: PTI)

एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैम्पबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, वह अपने उत्तराधिकारी की नियुक्ति तक इस पद पर बने रहेंगे. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक विल्सन यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब एयरलाइन परिचालन दबाव, बढ़ती लागत और इस साल संभावित बड़े वित्तीय नुकसान जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है.  वित्त वर्ष 2026 में एअर इंडिया को करीब 20,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते बोर्ड मीटिंग में विल्सन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया.

फिलहाल, एअर इंडिया ने कैम्पबेल विल्सन के इस्तीफे पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. अगले कुछ महीनों में एअर इंडिया को नया सीईओ मिलने की उम्मीद है. नए सीईओ की नियुक्ति तक कैम्पबेल विल्सन पद पर बने रहेंगे. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल की शुरुआत में ही एअर इंडिया ने नए सीईओ की तलाश शुरू कर दी थी, जब विल्सन ने संकेत दिया था कि वह अपना कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू नहीं करना चाहते. उन्होंने सितंबर 2022 में एअर इंडिया के सीईओ का पद संभाला था, जब एयरलाइन का प्राइवेटाइजेशन होने के बाद यह फिर से टाटा ग्रुप के पास आई थी. 

एयरलाइन के सामने बढ़ती चुनौतियां

एअर इंडिया इस समय कई मोर्चों पर दबाव झेल रही है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कई देशों ने अपने एयरस्पेस बंद कर रखे हैं, जिससे उड़ानों के रूट बदलने पड़ रहे हैं और ज्यादा स्टॉप लेने पड़ रहे हैं. इसमें ईंधन की खपत बढ़ रही है. इन चुनौतियों के कारण लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की परिचालन लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है.

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इसके अलावा, नए विमानों की डिलीवरी में देरी से एयरलाइन की कैपेसिटी बढ़ाने की योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे परिचालन पर और दबाव बढ़ा है. एयरलाइन पिछले साल अहमदाबाद में हुए दर्दनाक विमान हादसे के असर से भी उबरने की कोशिश कर रही है. एअर इंडिया का बोइंग ड्रीमलाइनर विमान AI-171 अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें क्रू समेत 241 लोगों की मौत हो गई थी. इस घटना का एयरलाइन की छवि पर बड़ा विपरीत प्रभाव पड़ा है.

एअर इंडिया में सीईओ का पद संभालने से पहले विल्सन ने करीब 26 साल तक सिंगापुर एयरलाइंस के साथ काम किया और कई अहम पदों पर रहे. एअर इंडिया में उनके कार्यकाल के दौरान कई बड़े बदलाव हुए. इनमें सबसे बड़ा बदलाव विस्तारा का एअर इंडिया में सफल विलय था. इसके अलावा कंपनी ने अपनी फ्लीट  को बढ़ाने की प्लानिंग की. इसके तहत एअर इंडिया ने एयरबस और बोइंग को 470 नए विमानों का ऑर्डर दिया है.

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