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Covaxin पर क्या है विवाद, बंगाल चुनाव में कितना असर डालेगी AIMIM, सुनें 'आज का दिन'

देश में अब तक दो कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिली है और मंजूरी मिलने के बाद से ही सियासत भी तेज हो गयी है. दो में से एक वैक्सीन भारत बायोटेक ने बनाया है. विवादों के बीच कल भारत बायोटेक के एमडी कृष्णा एला ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा वैक्सीन का राजनीतिकरण किया जा रहा है.

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Covaxin (सांकेतिक तस्वीर)
Covaxin (सांकेतिक तस्वीर)

देश में अब तक दो कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिली है और मंजूरी मिलने के बाद से ही सियासत भी तेज हो गयी है. दो में से एक वैक्सीन भारत बायोटेक ने बनाया है. विवादों के बीच कल भारत बायोटेक के एमडी कृष्णा एला ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा वैक्सीन का राजनीतिकरण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि Covaxin का ट्रायल भारत के अलावा दर्जन भर से अधिक देशों में किया गया है. ये तो हुआ विवाद पर कंपनी के MD का बयान लेकिन मामला है क्या? इतना हंगामा क्यों बरपा है, ये समझा हमने हैदराबाद में हमारे सहयोगी आशीष पांडेय से.

बात बंगाल की जहाँ, अगले साल विधान सभा का चुनाव होना है. राज्य में हर दिन कुछ नया घटता है और चुनावी गर्मी पहले से और तेज हो जाती है.  बीजेपी और टीएमसी आमने सामने हैं और इस के टकराव के बीच असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है. बिहार विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीतने के बाद AIMIM नेता ओवैसी ने बंगाल में चुनावी दांव-पेंच शुरु कर दिए हैं. हाल ही में ओवैसी ने, कभी ममता बनर्जी के करीबी रहे पीरजादा अब्बास सिद्दीकी से मुलाकात की. इसके बाद से ही इसके सियासी नफा नुकसान तोले जा रहे हैं. तो कौन है पीरजादा सिद्दीकी और ये मुलाकात बंगाल के सियासत पर क्या असर डालेगी? बता रहे है हमारे सहयोगी कुबूल अहमद.


बजाज ऑटो - देश की यह कंपनी वाहन बनती है और अब इसके  हिस्से एक और उपलब्धि जुड़ गई है. हाल ही में बजाज ऑटो एक लाख करोड़ रुपए के मार्केट कैप को पार कर गयी और ऐसा करते ही यह दुनिया की सबसे वैल्यूएबल टू-व्हीलर कंपनी बन गई. कल भी बजाज ऑटो का मार्केट कैप एक लाख करोड़ से ऊपर रहा. बाकी आप जानते ही होंगे कि बजाज ऑटो की पहुँच हमारे घरेलू मार्किट में कहाँ तक है और कितनी मजबूत है. इसके अलावा इसका कारोबार कई देशों में फैला है. तो समझिए कि मार्केट कैप क्या होता है और कंपनी ने ये कामयाबी हासिल कैसे की. समझा रहे हैं शुभम शंखधर.

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अब बात चीन की. जहाँ फ्रीडम ऑफ स्पीच किस चिड़िया का नाम है, नहीं पता. आम तो आम, ख़ास लोग भी चीन की कम्युनिस्ट सरकार की सख़्ती से अछूते नहीं हैं. जैसे, एक नाम है आपने बारहां सुना होगा. बड़े बिजनेस टाइकून हैं - जैक मा. जैक, जो अलीबाबा ग्रुप के को फाउंडर हैं और चीन के सबसे अमीर लोगों में शामिल हैं. अक्टूबर में उनकी एक स्पीच पर ख़ूब विवाद हुआ था. इस भाषण में उन्होंने चीन की सरकारी एजेंसियों के काम काज के तरीके पर सवाल उठाए थे. तब से अब तक, उनका अता-पता नहीं मिल रहा है. पिछले दो महीनों में जैक किसी भी सार्वजानिक कार्यक्रम में नहीं देखे गए हैं. जैक के अचानक इस तरह गायब होने के बाद कई तरह के क़यास लगाए जा रहे हैं. मामले की गंभीरता आप इससे समझिए कि हाल में जब उनकी कम्पनी का एक टैलेंट शो, 'अफ्रीकाज बिजेनस हीरोज' का फाइनल हुआ तो उसमें भी वे नज़र नहीं आए. उनकी तस्वीरें भी शो की वेबसाइट से हटा दी गईं. ऐसे में क्या है इसकी वजह ? और, जैक को किस तरह का नुकसान हो रहा है ? यही बता रहे हैं आज तक रेडियो के हमारे सहयोगी कुमार केशव.

'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें

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