TCS ने नासिक ने यौन शोषण और धर्मांतरण से जुड़े मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कई बड़े कदमों की जानकारी दी है. कंपनी के सीईओ और के. कृतिवासन ने कहा है कि इस मामले की जांच अब स्वतंत्र विशेषज्ञ टीमों के जरिए की जाएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया गया है.
इसके अलावा TCS ने बताया कि इस जांच के लिए डेलॉइट और प्रमुख लॉ फर्म ट्राइलीगल की मदद ली गई है. ये दोनों संस्थाएं स्वतंत्र कानूनी सलाहकार के रूप में काम करेंगी. आंतरिक जांच का नेतृत्व टीसीएस की अध्यक्ष और मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमण्यम कर रही हैं. कंपनी ने साफ किया है कि पूरी जांच एक व्यवस्थित और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी.
कंपनी के अनुसार एक निगरानी समिति का गठन भी किया गया है, जिसकी अध्यक्षता TCS के स्वतंत्र निदेशक केकी मिस्त्री कर रहे हैं. यह समिति आंतरिक जांच के निष्कर्षों की समीक्षा करेगी और आवश्यक सिफारिशों को लागू करने पर निर्णय लेगी. कंपनी ने कहा है कि यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए उठाया गया है.
TCS ने अपने बयान में कुछ तथ्यों को स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड पर रखा है. कंपनी ने कहा कि नासिक मामले में जिस निदा खान का बार-बार नाम आ रहा है वह न तो HR मैनेजर हैं और न ही भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदार हैं. कंपनी के अनुसार वह एक प्रक्रिया सहयोगी थीं और किसी भी प्रकार की नेतृत्व जिम्मेदारी उनके पास नहीं थी.
TCS ने नासिक मामले पर जारी किया आधिकारिक बयान
साथ ही कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि नासिक यूनिट पूरी तरह से कार्यरत है और ग्राहकों को सेवाएं दे रही है. मीडिया में आई यह खबरें कि यूनिट बंद कर दी गई है, पूरी तरह गलत हैं. TCS ने कहा कि यूनिट के संचालन में किसी तरह की रुकावट नहीं आई है और सभी सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं.
कंपनी ने शुरुआती आंतरिक जांच के आधार पर बताया है कि अभी तक न तो नैतिकता से जुड़े चैनलों में और न ही POSH चैनलों में ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं मिली है, जैसा कुछ आरोपों में कहा जा रहा है. हालांकि कंपनी ने यह भी साफ किया है कि पूरी जांच अभी चल रही है और अंतिम नतीजे आना बाकी हैं.
TCS ने अपने बयान में कहा कि कंपनी कर्मचारी कल्याण, सुरक्षा और सम्मान के सर्वोच्च मानकों का पालन करती है. कंपनी का स्पष्ट कहना है कि वह किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या जबरदस्ती के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति रखती है.
कंपनी ने यह भी दोहराया कि वह अपने सभी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. साथ ही कंपनी ने यह भी कहा कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके.
प्रारंभिक समीक्षा में शिकायत न मिलने का कंपनी का दावा
TCS ने कहा कि उसका उद्देश्य केवल तथ्यों की सही जांच कराना है और किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या अफवाहों से बचना है. कंपनी ने यह भरोसा भी दिलाया कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.