महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में आयोजित एक क्रिकेट समर कैंप के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में 15 वर्षीय एक किशोर खिलाड़ी की मौत हो गई. इस घटना के बाद पुलिस ने दो कोचों और संबंधित क्रिकेट एसोसिएशनों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है. प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बच्चों से जोखिम भरा काम कराए जाने की बात सामने आई है. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी.
रोलर खींचते समय संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा
अधिकारी के मुताबिक मृतक की पहचान आरव उर्फ विरेन चौधरी के रूप में हुई है. यह हादसा 30 मई की सुबह बारशी शहर में आयोजित एक क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर के दौरान हुआ. बताया गया है कि अभ्यास सत्र शुरू होने से पहले क्रिकेट पिच को तैयार किया जा रहा था. इसी दौरान कुछ बच्चों को एक भारी पिच रोलर खींचने का काम दिया गया था. आरव भी अन्य बच्चों के साथ उस रोलर को खींच रहा था.
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार रोलर खींचते समय अचानक संतुलन बिगड़ गया और आरव उसके नीचे फंस गया. भारी उपकरण के नीचे दबने से उसे गंभीर चोटें आईं. हादसे के तुरंत बाद उसे अस्पताल ले जाया गया. जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. जांच में यह बात सामने आई कि जिस समय बच्चे भारी रोलर खींच रहे थे, उस दौरान मौके पर कोई जिम्मेदार वयस्क पर्यवेक्षक मौजूद नहीं था. साथ ही बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सावधानियां भी नहीं बरती गई थीं. पुलिस का कहना है कि इतनी कम उम्र के बच्चों से भारी उपकरण खिंचवाना अपने आप में गंभीर लापरवाही का मामला है.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर बारशी शहर पुलिस थाने में दो कोचों और संबंधित क्रिकेट एसोसिएशनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया गया है. यह धारा गैर-इरादतन हत्या से संबंधित है, जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की विस्तार से जांच की जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बच्चों को भारी उपकरण संचालित करने या खींचने की अनुमति किसने दी थी और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया?