scorecardresearch
 

'शरद पवार के इस्तीफे से महा विकास अघाड़ी की एकता पर नहीं पड़ेगा असर', बोले उद्धव ठाकरे

शरद पवार ने पिछले दिनों अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी है. हालांकि इसका अंतिम फैसल दो दिन में आ जाएगा. वहीं उनके ऐलान के बाद से महा विकास अघाड़ी (MVA) में फूट की आशंका को लेकर भी चर्चा होने लगी है. इस बीच उद्धव ठाकरे ने आजतक से बातचीत करते हुए इस बात का दावा किया कि शरद पवार के इस्तीफे का एमवीए पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

Advertisement
X
उद्धव ठाकरे ने शरद पवार के इस्तीफे पर साधी चुप्पी (फाइल फोटो)
उद्धव ठाकरे ने शरद पवार के इस्तीफे पर साधी चुप्पी (फाइल फोटो)

उद्धव ठाकरे ने शरद पवार के इस्तीफे की घोषणा पर कहा कि वे इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि शरद पवार को अपना फैसला लेने का अधिकार है और पार्टी के कार्यकर्ता को भी संदेश देने का अधिकार है. वैसे अभी उनका फैसला आना बाकी है. एनसीपी की 5वीं बैठक का इंतजार करते हैं.' वहीं उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर कहा- मैं मोदी को कभी हराना नहीं चाहता. मैं उस ग्रुप के खिलाफ हूं. उन्होंने स्पष्ट किया कि शरद पवार का इस्तीफा एमवीए (महा विकास अघाड़ी) की एकता को प्रभावित नहीं करेगा. 

उन्होंने कहा कि कर्नाटक चुनाव में बजरंग दल या अन्य संगठनों के कारण पीएम मोदी ने अपनी रैली में 'बजरंग बली की जय' के नारे लगवाए. उन्होंने कहा- मैं कर्नाटक (बेलगाम के सीमावर्ती इलाके) के मराठी लोगों से अपील करता हूं कि वे भी वोट देते समय जय बवानी, जय शिवाजी, शिवराय की जय बोलें.

सभी को बायोग्राफी लिखने का अधिकार

उद्धव ठाकरे ने शरद पवार की बायोग्राफी ‘लोक माझे सांगाती’ में उनका जिक्र होने कहा कि सभी को आत्मकथा लिखने का अधिकार है. दरअसल शरद पवार ने अपनी आत्मकथा में उद्धव ठाकरे का जिक्र किया है. इसमें उन्होंने लिखा,'हमें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवसेना में बगावत हो जाएगी, जिसके बाद शिवसेना अपना नेतृत्व खो देगी. उद्धव ने बिना संघर्ष किए इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण एमवीए सरकार गिर गई.' उन्होंने कहा,'जिस सहजता के साथ बालासाहेब ठाकरे के साथ बातचीत होती थी, वो उद्धव से बात करते वक्त कमी महसूस हुई.' 

Advertisement

अब  किसी और को आगे आना चाहिए

शरद पवार ने कहा,'अब मुझे जो समय मिलेगा, उसे देखते हुए मैं अभी से इस काम पर ज्यादा ध्यान देने वाला हूं. मैं यह नहीं भूल सकता कि पिछले 6 दशकों में महाराष्ट्र और आप सभी ने मुझे मजबूत समर्थन और प्यार दिया है.'

शरद पवार ने कहा, कई साल तक मुझे राजनीति में पार्टी को लीड करने का मौका मिला है. इस उम्र में आकर अब इस पद नहीं रखना चाहता. मुझे लगता है कि और किसी को आगे आना चाहिए. पार्टी के नेताओं को ये फैसला करना होगा कि अब पार्टी का अध्यक्ष कौन होगा? 

पवार ने कहा,'पार्टी जिस दिशा में जाना चाहती है, यह नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन करने का समय है. मैं सिफारिश कर रहा हूं कि अध्यक्ष पद के चुनाव पर फैसला करने के लिए एनसीपी सदस्यों की एक समिति बनानी चाहिए.' शरद पवार ने 5 मई या 6 मई को एक समिति की बैठक बुलाई है. साथ ही गया है कि इस बैठक में समिति द्वारा लिया गया निर्णय स्वीकार्य होगा. 

अगर इस्तीफा दिया, तो अगला अध्यक्ष कौन?

पवार ने पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए NCP नेताओं की एक कमेटी बनाने की सिफारिश की है, जिसमें उनकी बेटी सुप्रिया सुले, उनके भतीजे अजित पवार, पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, जयंत पाटिल और छगन भुजबल शामिल होंगे. यानी ये सभी नेता, पार्टी के नए अध्यक्ष का चुनाव करेंगे. 

Advertisement

इसके अलावा यह भी जानकारी सामने आई है कि शरद पवार ने एक नई रणनीति बनाई है, जिसके बारे में उन्होंने अपनी पत्नी प्रतिभा पवार, बेटी सुप्रिया सुले, उनके पति और दामाद सदानंद सुले और भतीजे अजित पवार से बात की है. इसके तहत अगर शरद पवार अपना इस्तीफा वापस नहीं लेते तो उनकी बेटी सुप्रिया सुले को पार्टी का अध्यक्ष बनाया जाएगा और महाराष्ट्र में पार्टी की जिम्मेदारी अजित पवार को सौंपी जाएगी. अजीत पवार, शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे हैं और उन्होंने महा विकास अघाड़ी की सरकार से पहले बीजेपी के साथ गठबंधन करके सरकार बनाने की कोशिश की थी. 

कभी इंदिरा से बगावत तो कभी मोदी का समर्थन, पवार ने कैसे बदली राजनीति की धारा!

Advertisement
Advertisement