शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना अमित शाह की बनाई हुई पार्टी है. यह अलग शिवसेना नहीं है. शिवसेना बालासाहेब ठाकरे की है, उद्धव ठाकरे की है. उन्होंने कहा कि जहां ठाकरे, वहां शिवसेना. जब तक अमित शाह हैं, तब तक दुकान चलेगी. संजय राउत मुंबई में आजतक के आयोजन 'मुंबई मंथन' के 'उद्धव के संजय' सेशन में बोल रहे थे.
संजय राउत ने कहा कि मेरे हाथ में अगर चुनाव आयोग होगा, मेरे पास अगर पुलिस होगी. तो भारतीय जनता पार्टी के मैं चार टुकड़े कर दूंगा. चुनाव आयोग, चुनाव पर भरोसा नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारा अमित शाह और मोदी पर भरोसा नहीं है. मैं चुनाव आयोग की बात नहीं कर रहा हूं. संजय राउत ने कहा कि ये व्यापारी हैं, राजनीतिक लोग नहीं हैं. मुंबई में व्यापार नहीं होगा, तो कहां होगा. बड़े शहरों में ही व्यापार होगा. कहां होगा व्यापार फिर, कराची-इस्लामाबाद में होगा?
ठाकरे बचाओ मुहिम के आरोप पर उन्होंने कहा कि ठाकरे बचेंगे, तब मुंबई बचेगी न. जब लगता है कि मराठी मानुष का अस्तित्व संकट में है, तब ये दोनों भाई फिर से साथ आ गए हैं. संजय राउत ने कहा कि मुंबई को महाराष्ट्र से तोड़ने की साजिश 70 साल से चल रही है. यूनाइटेड महाराष्ट्र की लड़ाई हुई, 106 लोग शहीद हुए. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें ऐसी हैं, जो मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश बनाना चाहती हैं, गुजरात से जोड़ना चाहती हैं.
संजय राउत ने कहा कि जब महाराष्ट्र बन रहा था, तब भी ये लोग मुंबई उसे नहीं दे रहे थे. जब भी मौका मिलेगा, दिल्ली के लोग मुंबई को महाराष्ट्र से तोड़ेंगे. उन्होंने कहा कि मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी जरूर है, लेकिन मुंबई सबकी है. मुंबई की ताकत किसी और राज्य में शिफ्ट करने की मुहिम चल रही है. संजय राउत ने कहा कि आप अलग मुंबई बनाइए ना. गुजरात में बनाइए, बिहार में बनाइए, लखनऊ के पास बनाइए.
उन्होंने कहा कि मुंबई में गुंडाशाही चल रही है. हम भी तो गुंडे हैं, लड़ेंगे उनसे. पुलिस जिसके पास होती है, गुंडागर्दी चलती है. फिर भी हम उनसे टक्कर ले रहे हैं. संजय राउत ने सामना में छपे ठाकरे बंधुओं के इंटरव्यू को लेकर सवाल पर कहा कि दोनों भाइयों ने यही कहा है कि यह मुंबई की आखिरी लड़ाई है. अभी नहीं, तो कभी नहीं. उन्होंने कहा कि शिंदे हों या फडणवीस, सरकार चाहे जो भी बात करे लेकिन मुंबई का डेथ वारंट दिल्ली से निकल चुका है. हमें उसको रोकना पड़ेगा.
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कांग्रेस को लेकर सवाल पर संजय राउत ने कहा कि आखिरी क्षण तक कांग्रेस से बात कर रहा था. दिल्ली में भी बात की, मुंबई में भी बात की. हमने कहा कि कांग्रेस को जितनी सीटें चाहिए, उतनी देने को हम तैयार हैं. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए एमवीए बना था, आज भी है. इंडिया ब्लॉक लोकसभा चुनाव के लिए बना था, आज भी है. कांग्रेस को हमने समझाने की बहुत कोशिश की. वह बड़ी पार्टी है, नेशनल पार्टी है.
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उन्होंने कहा कि हम मिलकर मुंबई में भगवा लहराएंगे. मराठी मेयर के सवाल पर कहा कि मुंबई में शिवसेना ने 23 मेयर दिए हैं. हम मुंबई में मराठी मेयर बनाएंगे. हम चाहेंगे कि कोलकाता का मेयर बंगाली हो, पटना का मेयर हिंदीभाषी हो, बेंगलुरु का मेयर कन्नड़ भाषी हो. इसमें क्या गलत बात है. उन्होंने हिंदू मराठी मेयर के बीजेपी के दांव पर कहा कि हिंदू मराठी क्या बात है, मराठी हिंदू नहीं है क्या.
शिंदे के फोन पर क्या बोले राउत
संजय राउत ने हालचाल लेने के लिए एकनाथ शिंदे के फोन करने को लेकर सवाल पर कहा कि वह हमारे साथी रहे हैं. हम दोस्त भी रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमने पार्टी में एक साथ सालोंसाल काम किया है. बात तो होती है, महाराष्ट्र में इस प्रकार की दुश्मनी नहीं है. संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी फोन किया था, सबने बात की थी.