महाराष्ट्र के संभाजीनगर जिले की सिल्लोड तहसील स्थित अंभई गांव में मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे मटन विक्रेता और ग्राहक के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया. पुलिस के अनुसार, मामूली कहासुनी के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई.
छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक विनय राठौड ने बताया कि विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ने अपने-अपने परिचितों को मौके पर बुला लिया. कुछ ही देर में दो गुट आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों के साथ जमकर मारपीट शुरू हो गई. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच पथराव भी हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
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कई लोग घायल, गंभीर घायलों को जिला अस्पताल रेफर
इस हिंसक झड़प में कई लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है. घायलों को तत्काल सिल्लोड उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया. डॉक्टरों ने गंभीर रूप से घायल लोगों की स्थिति को देखते हुए उन्हें छत्रपति संभाजीनगर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया.
घटना के बाद देर रात बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए, जिससे पूरे गांव में तनाव की स्थिति बन गई. उग्र भीड़ ने सड़क किनारे खड़े करीब 15 से 20 वाहनों में तोड़फोड़ की. इस दौरान मोटरसाइकिल, ऑटो और निजी वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए और कुछ दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया गया.
पुलिस ने किया लाठीचार्ज, 13 आरोपी हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए. उपविभागीय पुलिस अधिकारी डॉ. दिनेश कोल्हे के नेतृत्व में दंगा नियंत्रण दस्ता तैनात किया गया. स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा.
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार राठौर ने बताया कि देर रात गांव में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 13 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने बताया कि 20 से अधिक संदिग्ध अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है. फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और हालात नियंत्रण में हैं. पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है.