scorecardresearch
 

Mumbai: फोन की टॉर्च जलाकर महिला की कराई डिलीवरी, जच्चा-बच्चा की हुई मौत

सुषमा स्वराज मैटरनिटी होम अस्पताल में सोमवार को बिजली न होने पर मोबाइल के टॉर्च की रोशनी में एक गर्भवती महिला का ऑपरेशन किया गया था. जिसमें पहले नवजात और दूसरे दिन मां की मौत हो गई. पीड़ित परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने ADR यानी एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज कर जांच कर जांच शुरू की.

Advertisement
X
डॉक्टर और नर्स की लापरवाही की वजह से महिला की मौत
डॉक्टर और नर्स की लापरवाही की वजह से महिला की मौत

मुंबई के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर और नर्स की लापरवाही के चलते एक गर्भवती महिला और उसके मासूम बच्चे की मौत हो गई. आरोप है कि भांडुप के सुषमा स्वराज मैटरनिटी होम अस्पताल में सोमवार को बिजली न होने पर मोबाइल के टॉर्च की रोशनी में एक गर्भवती महिला का ऑपरेशन किया गया था. जिसमें पहले नवजात और दूसरे दिन मां की मौत हो गई. इस मामले में बीएमसी की तरफ से एक टीम का गठन किया गया है. जो इस घटना की जांच करेगी, वहीं पुलिस भी ADR यानी एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज कर जांच कर रही है. 

भांडुप के सुषमा स्वराज मैटरनिटी होम में एक गर्भवती महिला और उसके मासूम बच्चे की मौत का मामला सामने आया है. मृतक महिला के देवर शाहरुख अंसारी के मुताबिक 29 अप्रैल की सुबह उनकी भाभी को प्रसव पीड़ा हुई तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उनकी भाभी को एडमिट कर लिया, दिनभर उनकी भाभी दर्द से तड़पती रही. हमने ऑपरेशन करने को भी कहा पर डॉक्टर बोले कि नॉर्मल डिलीवरी हो जाएगी. दोपहर तक बच्चे का हार्टबीट ठीक चल रहा था. इस तरह शाम हो गई और दर्द बढ़ता गया. तभी डॉक्टर ने एक कट लगाया जिससे खून तेजी से निकलने लगा. 

टॉर्च की रोशनी में हुई गर्भवती महिला का ऑपरेशन

रात करीब 8 बजे से बाद डॉक्टर ने निशा के पति को बुलाकर कहा कि मरीज की हालत खराब होती जा रही है. ऑपरेशन जल्दी करना पड़ेगा, घरवालों ने तुंरत हामी दी. ऑपरेशन शुरू होने के कुछ देर के अंदर लाइट चली गई. फिर मोबाइल की टॉर्च जलाकर ऑपरेशन किया गया. जब बच्चे को बाहर निकाला तो उसकी मौत हो चुकी थी. बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिजन अस्पताल में रोने चिल्लाने लगे, तभी डॉक्टर ने कहा कि निशा की भी हालत बहुत खराब है उसे तुरंत ही सायन अस्पताल रेफर कर दिया. लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. मृतका को  29 अप्रैल की रात में प्रसव पीड़ा के चलते सुषमा स्वराज प्रसूति गृह ले जाया गया था. 

Advertisement

मृतका के परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के दौरान बिजली चली गई और मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराया गया. पीड़ित परिवार का कहना है कि बिजली न होने पर डॉक्टरों को महिला का ऑपरेशन नहीं करना चाहिए था और दूसरे अस्पताल भेज देना चाहिए था. वहीं बीएमसी की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर दक्षा शाह ने कहा कि 12 सदस्यों की जांच कमेटी मामले की समीक्षा करेगी. रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत

वहीं भांडुप पुलिस भी ADR दर्ज कर जांच कर रही है, इस मामले पर महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार संजय दीना पाटिल में कहा कि सबसे पहले हम लोग अस्पताल में जेनेरेटर का इंतजाम कर रहे है. तब तक अस्पताल मेंकिसी मरीज को भर्ती न किया जाए. साथ ही दोषियों पर शख्त कार्रवाई हो. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement