नासिक के TCS BPO कैंपस में कथित धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. अब तक इस मामले में 9 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें कई चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं. यह पूरा मामला एक पैटर्न की तरफ इशारा करता है, जिसमें महिला कर्मचारियों को निशाना बनाकर उनके साथ यौन शोषण और धार्मिक दबाव बनाया गया.
9 FIR में खुली साजिश की परतें
पहली एफआईआर के अनुसार जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच आरोपियों दानिश शेख, तौसीफ अत्तर और निदा खान ने एक महिला कर्मचारी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई. आरोप है कि हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई. साथ ही तौसीफ अत्तर ने शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए. दानिश शेख पर भी कार्यालय में जबरन छूने और नजदीकी बढ़ाने की कोशिश करने का आरोप है.
दूसरी एफआईआर में मई 2023 से मार्च 2026 के बीच रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी पर एक महिला कर्मचारी को घूरने, छूने और उसकी निजी जिंदगी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है. पीड़िता ने कई बार शिकायत की, लेकिन कंपनी के अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपियों को बढ़ावा मिला.
तीसरी एफआईआर में शफी शेख पर मीटिंग के दौरान महिला कर्मचारी को घूरने और अश्लील व्यवहार करने का आरोप है. इसके अलावा तौसीफ अत्तर ने भी निजी जीवन को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं और शारीरिक नजदीकी बढ़ाने की कोशिश की.
चौथी एफआईआर के अनुसार मई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच तौसीफ अत्तर ने महिला कर्मचारी से उसकी निजी जिंदगी से जुड़े सवाल पूछे और अश्लील इशारे किए. इसके अलावा हिंदू देवी-देवताओं को लेकर अपमानजनक टिप्पणी भी की गई, जिससे पीड़िता और अन्य कर्मचारी आहत हुए.
पांचवीं एफआईआर में आरोप है कि 2022 से मार्च 2026 के बीच तौसीफ अत्तर, दानिश, शाहरुख शेख और रजा मेमन ने मिलकर पीड़िता पर नमाज पढ़ने का दबाव बनाया और उसे मांस खाने के लिए मजबूर किया. साथ ही हिंदू धर्म और देवी-देवताओं का अपमान किया गया और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया.
छठी एफआईआर में सितंबर 2024 से फरवरी 2026 के बीच आसिफ अंसारी और शफी शेख पर महिला कर्मचारी के शरीर को लेकर अश्लील टिप्पणी करने और गलत तरीके से छूने का आरोप है. इसके साथ ही तौसीफ अत्तर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का भी आरोप लगा है.
सातवीं एफआईआर के अनुसार जून 2025 से मार्च 2026 के बीच आसिफ अंसारी, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तर और शफी शेख ने महिला कर्मचारी का पीछा किया, अश्लील टिप्पणियां कीं और छेड़छाड़ की। साथ ही धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप भी लगाए गए.
आठवीं एफआईआर में जनवरी 2025 से अब तक रजा मेमन और शफी शेख पर महिला कर्मचारी से उसकी इच्छा के खिलाफ निजी बातें करने, शादी का प्रस्ताव देने और शरीर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है. दोनों पर बार-बार शारीरिक संपर्क बनाने की कोशिश करने का भी आरोप है.
नौवीं एफआईआर में जनवरी 2026 से 1 अप्रैल 2026 के बीच रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी पर अश्लील टिप्पणियां करने, इशारे करने और पीड़िता की निजी जिंदगी में दखल देने का आरोप है. इसके अलावा लगातार नजर रखने और मानसिक दबाव बनाने की भी बात सामने आई है.
अब तक सामने आए आरोपियों में दानिश शेख, शफी शेख, तौसीफ अत्तर, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी, रजा रफीक मेमन, आसिफ अंसारी, अश्विनी चैनानी और निदा खान के नाम शामिल हैं. इनमें से अश्विनी चैनानी को 15 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है, जबकि निदा खान अभी फरार है. पुलिस उसे पकड़ने के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है.
ऑफिस के अंदर महिलाओं को बनाया गया टारगेट
13 अप्रैल को नासिक कोर्ट ने अश्विनी चैनानी की पुलिस कस्टडी बढ़ा दी. जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी के सर्वर से उसे भेजे गए 78 ईमेल की जांच की जा रही है. यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि ये ईमेल आधिकारिक थे या किसी साजिश का हिस्सा.
इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि अश्विनी चैनानी और तौसीफ अत्तर के बीच पिछले दो सालों में 38 बार बातचीत हुई थी. सरकारी वकीलों का आरोप है कि एक पीड़िता की शिकायत पर चैनानी ने कार्रवाई करने के बजाय उसे दबाने की कोशिश की और कहा कि तुमको क्या फेमस होना है.
मुख्य आरोपी फरार, SIT को बड़े नेटवर्क का शक
जांच एजेंसियां अब इस मामले में विदेशी फंडिंग के एंगल की भी जांच कर रही हैं. संदिग्धों के बैंक खातों, ईमेल, कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैट की गहन जांच की जा रही है. यह मामला अब एक बड़े नेटवर्क की तरफ इशारा कर रहा है, जिसमें यौन शोषण और कथित धर्म परिवर्तन के आरोप जुड़े हुए हैं. जांच जारी है और आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.