नासिक की एक हॉलिडे कोर्ट ने रविवार को स्वयंभू 'गॉडमैन' अशोक खरात को उसके खिलाफ दर्ज पांचवें यौन शोषण और उत्पीड़न के मामले में 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया. खरात को 18 मार्च को एक 35 वर्षीय महिला द्वारा सरकारवाड़ा पुलिस थाने में दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने के बाद गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद से उस पर कई महिलाओं के साथ यौन शोषण करने और दिव्य शक्तियों व काले जादू का दावा कर बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी करने के आरोप लगे हैं.
पांचवें मामले में उसे शनिवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया, जिसमें उस पर काला जादू दिखाकर और खुद को भगवान का अवतार बताकर पीड़िता से धोखाधड़ी करने का आरोप है. रविवार को पुलिस ने उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया और पांच दिन की पुलिस हिरासत की मांग की.
खरात की ओर से पेश अधिवक्ता सचिन थोरे ने दलील दी कि सभी मामले एक जैसे हैं और पुलिस को पहले ही पर्याप्त हिरासत मिल चुकी है, इसलिए आगे की रिमांड की जरूरत नहीं है. वहीं सरकारी वकील शैलेन्द्र बागड़े और किरण बेंदभर ने कहा कि प्रत्येक पीड़िता की कहानी अलग है और मामलों की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच जरूरी है.
सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि हर मामले की अलग-अलग जांच करना आवश्यक है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने खरात को 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया.
अशोक खरात ने कंधे में दर्द की शिकायत की
सुनवाई के दौरान खरात ने अपने वकील के माध्यम से कंधे के दर्द के लिए न्यूरोसर्जन से परामर्श की अनुमति मांगी, यह कहते हुए कि दर्द निवारक दवाएं असर नहीं कर रही हैं. अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि जब आरोपी को जेल के दौरान सिविल अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया जाए, तो आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए.
महाराष्ट्र सरकार ने खरात के खिलाफ दर्ज यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. नासिक और अहिल्यानगर जिलों में उसके खिलाफ कम से कम 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से आठ यौन शोषण से जुड़े हैं.
खरात की गिरफ्तारी के बाद से वह राजनीतिक विवाद के केंद्र में भी है, क्योंकि उसके कई राजनीतिक नेताओं और समाज के प्रभावशाली लोगों के साथ संबंध रहे हैं. उसकी नेताओं के साथ तस्वीरें भी मुख्यधारा और सोशल मीडिया पर लगातार सामने आ रही हैं.