scorecardresearch
 

फेक सर्टिफिकेट केस: सांसद नवनीत राणा के पिता को फरार घोषित करने की कार्यवाही शुरू, कोर्ट ने 1 हजार का जुर्माना भी लगाया

फेक सर्टिफिकेट केस में अमरावती से निर्दलीय सांसद मुश्किलों में घिरती नजर आ रही हैं. सांसद की तरफ से एक आवेदन दायर कर फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में कोर्ट से आपराधिक कार्यवाही रोकने की मांग की गई थी. इस पर कोर्ट ने उनके पिता पर 1 हजार रु. का जुर्माना लगा दिया है. पिता को फरार घोषित करने की कार्यवाही भी शुरू हो गई है.

Advertisement
X
नवनीत राणा (File Photo)
नवनीत राणा (File Photo)

फेक सर्टिफिकेट केस में अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके पिता हरभजन सिंह रामसिंह कुंडेल की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं. सांसद की तरफ से एक आवेदन दायर कर फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में कोर्ट से आपराधिक कार्यवाही रोकने की मांग की गई थी. उनकी इस मांग पर मुंबई की सेवरी मजिस्ट्रेट अदालत ने नवनीत राणा और उनके पिता हरभजन पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया है.

इससे पहले 2021 में नवनीत राणा को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपना प्रमाणपत्र सरेंडर करने का आदेश दिया था, क्योंकि यह निष्कर्ष निकाला गया था कि यह धोखाधड़ी से प्राप्त किया गया था. हाईकोर्ट ने कहा था कि नवनीत राणा की ओर से आवेदन (जाति प्रमाण पत्र के लिए) जानबूझकर एक फर्जी दावा करने के लिए किया गया था, ताकि वह अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित सीट पर सांसद पद के लिए चुनाव लड़ सकें. नवनीत राणा ने तब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसने उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी थी.

सोमवार को अदालत में कार्यवाही के दौरान उनके वकील अदालत में मौजूद नहीं थे. एक जूनियर वकील ने केस के स्थगन की मांग की. दरअसल, मजिस्ट्रेट कोर्ट को नवनीत राणा की उस अर्जी पर सुनवाई करनी है, जिसमें कहा गया है कि चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए यहां की स्थानीय अदालत आपराधिक मामले में आगे नहीं बढ़ सकती है. अभियोजन पक्ष पहले ही राणा की याचिका का विरोध कर चुका है, जिसमें कहा गया है कि शीर्ष अदालत में विचाराधीन मामला दीवानी प्रकृति का है, जबकि मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा सुना जा रहा मामला एक आपराधिक मामला है, जिसे मुलुंड पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज किया गया था.

Advertisement

सोमवार को सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट कोर्ट ने नवनीत राणा के पिता के खिलाफ उद्घोषणा भी जारी की. राणा के पिता हरभजन के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद उन्हें न तो गिरफ्तार किया गया है और न ही वे खुद अदालत आए हैं. उद्घोषणा जारी करने का मतलब है कि उन्हें फरार घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अब हरभजन के मूल स्थान के आसपास विज्ञापन और नोटिस लगाए जाएंगे.

अदालत में कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता जयंत वंजारी के वकील सचिन थोराट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित मामले में याचिकाकर्ता नवनीत राणा याचिकाकर्ता हैं, लेकिन अमरावती के सांसद के पिता याचिका में पक्षकार नहीं हैं.मजिस्ट्रेट अदालत मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को करेगी.

नवनीत राणा के खिलाफ मुंबई के मुलुंड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था. नवनीत के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी), 471 (धोखाधड़ी या बेईमानी से किसी भी दस्तावेज को वास्तविक के रूप में उपयोग करना) और 34 (सामान्य इरादा) से संबंधित है. नवनीत राणा के अलावा उनके पिता हरभजन सिंह रामसिंह कुंडेल को भी मामले में एक आरोपी के रूप में दिखाया गया है. इस मामले में चार्जशीट दायर की जा चुकी है और कोर्ट ने नवनीत राणा और उनके पिता की डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया है.

Advertisement

नवनीत राणा पर आरोप है कि उन्होंने अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए फर्जी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट बनवाया था. क्योंकि अमरावती की सीट अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है.

Advertisement
Advertisement