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महाराष्ट्र MLC चुनाव: महायुति को 6 सीटें बिना लड़े मिलीं, MVA के उम्मीदवारों ने ही नाम लिया वापस

महाराष्ट्र एमलसी चुनाव में महायुति ने छह सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली है. नामांकन वापसी की अंतिम तारीख के बाद कई विपक्षी उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए, जिससे सत्ता पक्ष को फायदा मिला. वहीं महाविकास आघाड़ी ने इस पर सवाल उठाते हुए सत्ता गठबंधन पर दबाव और धनबल के इस्तेमाल के आरोप लगाए हैं.

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नाम वापसी के बाद एमवीए को बड़ा राजनीतिक झटका (Photo: PTI)
नाम वापसी के बाद एमवीए को बड़ा राजनीतिक झटका (Photo: PTI)

महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) की 17 खाली सीटों पर चुनाव होने हैं. इनमें से 6 सीटों पर महायुति के उम्मीदवार बिना किसी मुकाबले के ही जीत गए, क्योंकि विपक्ष के उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए. अब बाकी 11 सीटों पर 18 जून को वोटिंग होगी. लेकिन वहां भी महायुति की स्थिति मजबूत है.

महाराष्ट्र विधान परिषद में 17 सीटें खाली हो गई थीं. इन्हें भरने के लिए चुनाव होने हैं. महायुति गठबंधन में BJP, शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की NCP शामिल हैं. दूसरी तरफ MVA में उद्धव की शिवसेना(उद्धव बालासाहेब ठाकरे), कांग्रेस और शरद पवार की NCP शामिल हैं.

नाम वापसी की आखिरी तारीख गुजरते-गुजरते तस्वीर साफ हो गई. MVA के 6 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए. नतीजा यह हुआ कि उन 6 सीटों पर महायुति के उम्मीदवार अकेले रह गए और उन्हें बिना वोटिंग के ही जीता हुआ घोषित कर दिया गया. इसे 'निर्विरोध चुनाव' कहते हैं, यानी ऐसा चुनाव जिसमें मुकाबला ही नहीं हुआ.

महायुति में भी अंदरूनी बगावत

महायुति के लिए सब कुछ ठीक नहीं है. नासिक और जलगांव की सीटों पर महायुति के अपने ही नेताओं ने बगावत करके नाम दाखिल कर दिए हैं. यानी इन दोनों जगहों पर महायुति को अपने ही बागियों से लड़ना पड़ेगा.

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विपक्ष ने क्या कहा?

संजय राउत, शिवसेना (उद्धव) ने कहा, "यह आम आदमी का चुनाव नहीं रहा, यह एक 'मनी मार्केट' बन गया है." राउत का कहना था कि उम्मीदवारों को पैसे देकर नाम वापस करवाया जा रहा है.

हर्षवर्धन सपकाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, "महायुति 'पैसा फेंको, तमाशा देखो' की राजनीति कर रही है." उन्होंने महायुति पर पैसों की ताकत का इस्तेमाल करके विपक्ष को कमजोर करने का आरोप लगाया.

यह भी पढ़ें: 'BJP शिवसेना को कमजोर कर रही...' अब्दुल सत्तार का आरोप, एकनाथ शिंदे को CM बनाने की मांग की

दोनों नेताओं ने साफ इशारा किया कि MVA के उम्मीदवारों को पैसे या दबाव देकर नाम वापस करवाया गया. हालांकि महायुति ने इन आरोपों को खारिज किया.

6 सीटें जहां महायुति बिना लड़े जीती

1. ठाणे
जीते: रवींद्र फाटक (शिंदे सेना)
नाम वापस: अभिजीत पवार (NCP-शरद पवार)

2. रायगड-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग
जीते: अनिकेत तटकरे (NCP-अजित पवार)
नाम वापस: बाल माने (उद्धव सेना)

3. पुणे
जीते: विक्रम काकड़े (NCP-अजित पवार)
नाम वापस: श्रीकांत पाटिल (NCP-शरद पवार) और बागी सुनील टिंगरे

4. चंद्रपुर-वर्धा-गड़चिरोली
जीते: अरुण लखानी (BJP)
नाम वापस: शैलेश अग्रवाल (कांग्रेस)

5. यवतमाल
जीते: दुष्यंत चतुर्वेदी (शिंदे सेना)
नाम वापस: साहेबराव कांबले (कांग्रेस)

6. अहिल्यानगर
जीते: प्रजक्त तनपुरे (BJP)
नाम वापस: करण सासाणे (कांग्रेस)

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आगे क्या होगा?

18 जून को बाकी 11 सीटों पर वोटिंग होगी. MLC चुनाव में आम जनता वोट नहीं देती, बल्कि विधायक (MLAs) वोट देते हैं. चूंकि महाराष्ट्र विधानसभा में महायुति के पास पहले से ज्यादा विधायक हैं, इसलिए 11 बची सीटों पर भी महायुति की स्थिति मजबूत मानी जा रही है. MVA के लिए यह चुनाव पहले से मुश्किल था, और 6 उम्मीदवारों के नाम वापस लेने से उनकी स्थिति और कमजोर हो गई है.

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