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बकरीद से पहले महाराष्ट्र में बवाल, बकरियों पर विवाद के बीच सुअर लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारी

ठाणे में बकरीद से पहले एक हाउसिंग सोसाइटी में बकरियों को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि इलाके में तनाव फैल गया. बजरंग दल और VHP कार्यकर्ता विरोध में सुअर लेकर पहुंच गए, जबकि BJP विधायक संजय उपाध्याय के बयान ने सियासी तापमान बढ़ा दिया.

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ठाणे के मीरा रोड सोसाइटी विवाद में सियासत तेज, BJP-VHP के प्रदर्शन के बीच पुलिस बल तैनात. (File Photo: ITG)
ठाणे के मीरा रोड सोसाइटी विवाद में सियासत तेज, BJP-VHP के प्रदर्शन के बीच पुलिस बल तैनात. (File Photo: ITG)

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके में बकरीद से पहले एक हाउसिंग सोसाइटी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. बकरियों की एंट्री, विरोध प्रदर्शन, सुअर लाने की कोशिश, नारेबाजी और राजनीतिक बयानों के बीच पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया. हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा.

मीरा रोड के पूनम एस्टेट क्लस्टर 1 सोसाइटी में सोमवार को बड़ी संख्या में बकरियां लाई गईं. यहां बकरियों के लिए एक टेम्पररी शेड भी बनाया गया. सोसाइटी के कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए. विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया.

हंगामा देर रात तक जारी रहा. इसी दौरान 26 मई 2016 की रात करीब 12.50 बजे एक व्यक्ति वहां पहुंचा और VHP के जिला मंत्री नागनाथ कांबले के बारे में पूछताछ करने लगा. VHP कार्यकर्ता हर्ष सिंह के मुताबिक, जब उससे सवाल किया गया तो उसने चाकू निकाल लिया और हमला करने की कोशिश करने लगा. 

हर्ष सिंह ने हाथ लगाकर हमला रोकने की कोशिश की, जिसमें उनके हाथ में चोट आई. उनको चार टांके लगाने पड़े. इस मामले में FIR दर्ज की गई है. बताया जा रहा है कि VHP के दो और कार्यकर्ता भी घायल हुए. मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. इलाके में तनाव और बढ़ गया. 

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VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ता बिल्डिंग के गेट पर बैठ गए. जय श्री राम के नारे लगाने लगे. दिनभर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया. प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी और सोसाइटी से बकरियों को हटाने की मांग कर रहे थे. इस बीच, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार अलग-अलग समूहों से बातचीत करते रहे.

इसके बाद में BJP नेता किरीट सोमैया भी मौके पर पहुंचे. सोसाइटी के अंदर जाकर स्थिति का जायजा लिया. बाहर निकलने के बाद उन्होंने कहा कि सोसाइटी में रखी आधी बकरियां हटा दी गई हैं और बाकी को भी जल्द हटा दिया जाएगा. ये मामला उस वक्त ज्यादा तूल पकड़ लिया, जब कुछ लोग पिंक पिग यानी सुअर लेकर पहुंचे. 

पुलिस को आशंका थी कि इससे हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए तुरंत कार्रवाई की गई. पुलिस और VHP कार्यकर्ताओं के बीच सुअर को लेकर खींचतान हुई. इस दौरान सुअर जमीन पर गिरकर भाग गया, लेकिन एक पुलिसकर्मी ने उसे पकड़ लिया. हंगामे के बीच ऑटो चालक मौके से फरार हो गया.

पूरे विवाद के बीच नेताओं के बयान भी चर्चा में आ गए. बोरीवली से BJP विधायक संजय उपाध्याय ने बकरियों के गैर-कानूनी वध के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा, ''यदि माइनॉरिटी कम्युनिटी संविधान और शरिया को नहीं मानती है तो हम बकरियों का जवाब सुअरों से देंगे. कई जगह बड़ी संख्या में बकरियां लाई जा रही हैं''

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उन्होंने दावा किया कि कई हाउसिंग सोसाइटी में दूसरे समुदायों के लोग परेशान हैं. उन्होंने मीरा रोड और बोरीवली की घटनाओं का भी जिक्र किया. मुंबई की मेयर रितु तावड़े और अन्य BJP नेताओं ने BMC से मांग की है कि बकरीद के दौरान हाउसिंग सोसाइटी और चॉल में बकरों की कुर्बानी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए. 

हालांकि BMC के पास पहले से धार्मिक जानवरों के वध को लेकर नियम मौजूद हैं, लेकिन नेताओं का कहना है कि रिहायशी इलाकों में खुले तौर पर बकरियां लाई जा रही हैं. उधर, मीरा रोड से शिवसेना विधायक और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने मामले में संयम बरतने की अपील की है. 

प्रताप सरनाईक ने कहा, ''कुछ लोग ऐसी सोसाइटी में बकरियां लाते हैं जहां दूसरे समुदाय के लोग भी रहते हैं. उन्हें दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए. मीरा रोड के लोग समझदार हैं, लेकिन बाहर से आने वाले कुछ नेता माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं.''

समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आसिम आज़मी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ''कोई गैर-कानूनी कुर्बानी नहीं होनी चाहिए. सोसाइटी में जगह को ढकने के बाद परमिशन दी जानी चाहिए. मुख्यमंत्री ने इसका भरोसा दिया है. यदि कोई नेता राज्य सरकार की गाइडलाइन के खिलाफ बयान देता है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए.''

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