पुणे सहित महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सोमवार को अचानक भारी बारिश और ओलावृष्टि ने सब कुछ अस्त-व्यस्त कर दिया. मौसम विज्ञानियों के अनुसार इस अप्रत्याशित बदलाव के पीछे अरब सागर से आने वाली नमी और निचले वायुमंडल में अस्थिरता मुख्य कारण हैं. बारिश और ओलावृष्टि के कारण तापमान में अचानक गिरावट आई, जिससे लोगों को बढ़ती गर्मी से कुछ राहत मिली.
विशेषज्ञ बताते हैं कि पश्चिमी भारत में बदलती वायुमंडलीय परिस्थितियां और नमी का प्रवाह इस मौसम की अस्थिरता के लिए जिम्मेदार हैं. पुणे और आसपास के पश्चिमी घाटों में बादल छाए हुए हैं और दिनभर छिटपुट बारिश की संभावना है. बता दें कि ओलावृष्टि तब होती है जब गरज वाले बादलों में तेज हवाएं बारिश की बूंदों को ऊंची और ठंडी परतों में ले जाती हैं, जहां ये जमकर ओलों के रूप में गिरती हैं. यह प्रक्रिया खासतौर पर मॉनसून से पहले के मौसम में अधिक देखने को मिलती है.
राज्यभर में आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे बढ़ सकती है और मुंबई सहित अन्य शहरों में सप्ताह के मध्य तक बारिश होने की संभावना जताई जा रही है. तेज हवाओं और गरज-चमक वाले तूफानों से जलभराव और यातायात में देरी जैसी परेशानियों का खतरा बढ़ सकता है.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्थिति देश के विभिन्न हिस्सों में कई प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने के कारण बनी है. निवासियों को मौसम पूर्वानुमानों पर ध्यान देने और तूफान के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है.
उत्तरी भारत में भी मौसम अस्थिर बना हुआ है. दिल्ली में हल्की बारिश दर्ज की गई और मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इस अलर्ट में धूल भरी आंधी, गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है. हवा के झोंके 80 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकते हैं. वहीं, कुछ क्षेत्रों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हल्की आंधी-तूफान की संभावना है.