मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी ट्रैफिक जाम की स्थिति गंभीर बनी हुई है. खंडाला घाट के आडोशी सुरंग के पास मंगलवार शाम करीब 5 बजे केमिकल से भरा एक गैस टैंकर मुंबई की तरफ जाने वाली लेन में पलट गया था. हादसे के बाद टैंकर से गैस रिसाव शुरू हो गया, जिससे पूरे इलाके में खतरे की स्थिति बन गई.
इस दुर्घटना के कारण मुंबई की ओर से आने वाले ट्रैफिक को सुरक्षा कारणों से पूरी तरह बंद कर दिया गया है. इसका असर दोनों दिशाओं में देखने को मिल रहा है. एक्सप्रेसवे पर करीब 20 से 22 किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं. ड्रोन के जरिए सामने आए दृश्य में साफ दिख रहा है कि हजारों वाहन चालक और यात्री फंसे हुए हैं.
20 से 22 किलोमीटर लंबा जाम
कई लोग सुबह 4 बजे से वहीं अटके हुए हैं, तो कुछ यात्री रात 3 या 5 बजे से जाम में फंसे हैं. इस भारी जाम के कारण कई यात्रियों की फ्लाइट तक छूट गई. मौके पर पानी, भोजन और टॉयलेट की व्यवस्था न होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यात्रियों की मांग है कि प्रशासन तुरंत ठोस कदम उठाए और महामार्ग को जल्द शुरू किया जाए.

महामार्ग पुलिस के अधिकारी तानाजी चीखले ने बताया कि गैस टैंकर से हो रहे रिसाव को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से मुंबई लेन बंद की गई है. एनडीआरएफ, बीपीसीएल और अन्य राहत टीमें मौके पर युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं.
एनडीआरएफ और बीपीसीएल की टीमें मौके पर
प्रशासन के अनुसार, आज दोपहर 2 बजे तक हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना है. वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें. जब तक गैस लीकेज पूरी तरह बंद नहीं होता, यातायात में रुकावट बनी रह सकती है.