महाराष्ट्र के बारामती में हुए प्लेन क्रैश साइट से मलबा और जले हुए हिस्सों को इकट्ठा कर जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. विमानन प्राधिकरण और जांच एजेंसियों की टीम चार दिन बाद मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त ढांचे को हटाने का काम शुरू किया गया. तकनीकी कर्मचारियों और मजदूरों की मदद से जले हुए हिस्सों को क्रेन के जरिए कंटेनर पर लोड किया गया.
इस दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि विमान के जो भी पार्ट्स अलग-अलग स्थानों पर गिरे मिले, उन जगहों को सफेद रंग से मार्क किया गया है, ताकि जांच के दौरान सटीक लोकेशन मैपिंग हो सके. बरामद जले हुए हिस्सों को लकड़ी के बक्सों में पैक कर फॉरेंसिक और तकनीकी परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है. जांच एजेंसियां हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए सभी तकनीकी पहलुओं की पड़ताल करेंगी.

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दुर्घटना के बाद से घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट रही थी. बड़ी संख्या में लोग क्षतिग्रस्त विमान को देखने पहुंच रहे थे. अब हादसे वाली जगह से मलबा हटाने और साइट क्लियर करने का काम शुरू कर दिया गया है.
बता दें कि यह हादसा 28 जनवरी 2026 की सुबह करीब 9:45 बजे लैंडिंग की कोशिश के दौरान हुआ था. एनसीपी नेता अजित पवार मुंबई से प्राइवेट विमान से चले थे. उन्हें बारामती में होने वाले कुछ कार्यक्रमों में शामिल होना था. बारामती पहुंचने पर विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था.
लैंडिंग के प्रयास के दौरान विमान अचानक कंट्रोल से बाहर हो गया और खेतों में जा गिरा. इस दौरान धमाके हुए और आग लग गई. आसपास के लोगों ने देखा तो मौके पर पहुंचे. इस दर्दनाक हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई थी. जांच टीम अब एकत्र किए गए अवशेषों की विस्तृत जांच करेगी. ब्लैक बॉक्स, मैकेनिकल फेल्योर, मौसम और ऑपरेशनल फैक्टर्स समेत सभी संभावित कारणों की तकनीकी समीक्षा की जाएगी.