महाराष्ट्र की सियासत में इस नए साल पर तब भूचाल आ गया, जब डिप्टी सीएम अजित पवार की एक प्लेन क्रैश में मौत हो गई. लंबे समय से राजनीति में अपना वर्चस्व बनाए रखने वाले अजित पवार के जाने के बाद उनकी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में माहौल गमगीन है और साथ ही पार्टी में उथल-पुथल मची हुई है.
पार्टी नेताओं के बीच अब यह चर्चाएं हो रही हैं कि उनके पद पर किसे बैठाया जाए. इसी क्रम में पार्टी नेताओं की जल्द बैठक होने वाली है, ताकि यह तय किया जा सके कि कमान किसके हाथों में सौंपी जाए और उपमुख्यमंत्री का दावेदार कौन होगा. साथ ही महत्वपूर्ण पदों के बंटवारों को लेकर भी चर्चाएं होंगी.
एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने पार्टी की मौजूदा स्थिति पर आजतक से खास बातचीत करते हुए कहा कि अजित पवार के जाने के बाद जो कुछ हुआ, वह सबके सामने है और इससे पार्टी कार्यकर्ता प्रभावित हुए हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवन आगे बढ़ता है और अब पार्टी और सरकार चलाने की जिम्मेदारी किसी न किसी को निभानी होगी.
विधायकों की बैठक जल्द: CLP नेता का फैसला होगा
भुजबल ने बताया कि उन्होंने सभी एनसीपी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक बुलाएंगे, जिसमें कांग्रेस लेजिस्लेटिव पार्टी (CLP) नेता के पद पर सुमित्रा पवार के नाम का ऐलान करेंगे. यह पद पहले अजित पवार के पास था, जो अब खाली है. भुजबल ने कहा कि इसमें कुछ गलत नहीं है, लेकिन फैसला बैठक में ही होगा. कुछ टेक्निकल पहलुओं पर प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे से बातचीत करनी है.
उपमुख्यमंत्री पद और महत्वपूर्ण विभागों पर दावा
एनसीपी नेतृत्व ने उपमुख्यमंत्री पद को भरने पर जोर दिया है. भुजबल सहित प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और धनंजय मुंडे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके 'वर्षा' बंगले पर मुलाकात की, जहां अजित पवार के वित्त, राज्य उत्पाद शुल्क और खेल जैसे भारी-भरकम विभागों को एनसीपी कोटे में रखने की मांग उठाई गई.
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पार्टी का तर्क है कि इससे गठबंधन में शक्ति संतुलन बना रहेगा. सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव भी मजबूत है, हालांकि वित्त मंत्रालय दिलीप वाल्से पाटिल को मिल सकता है.
गुटों के विलय पर भुजबल की चुप्पी
एनसीपी के दोनों गुटों (अजित गुट और शरद पवार गुट) के गठबंधन पर चल रही चर्चाओं पर भुजबल ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने साफ किया कि आने वाले दिनों में होने वाली बैठक ख़ासतौर से से CLP नेता चयन. पार्टी में प्रफुल्ल पटेल को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की भी मांग उठी है,
शपथ ग्रहण की संभावना: सहमति बनी तो जल्द ही
भुजबल ने कहा कि यदि सभी की सहमति बनती है, तो उसके बाद ही तुरंत शपथ ग्रहण हो सकता है. आगे का फैसला पार्टी सदस्य बैठक में लेंगे. एनसीपी के 41 विधायकों की ताकत गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण है, जो महायुति सरकार को स्थिर रखे हुए है.