सामाजिक कार्यकर्ता वरवरा राव को मुंबई के नानावटी अस्पताल में दाखिल कराया गया है. वरवरा राव इससे पहले एल्गार परिषद मामले में महाराष्ट्र की एक जेल में बंद थे. उन्हें कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल में दाखिल कराया गया था लेकिन बाद में हेल्थ चेकअप के लिए नानावटी अस्पताल में भेज दिया गया.
गुरुवार को वरवरा वार की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी जिसके बाद उन्हें मुंबई के सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. सेहत के आधार पर लगाई गई उनकी याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी कर वरवरा राव को उचित इलाज दिलाने का निर्देश दिया. एनएचआरसी ने राव की तबीयत पर नजर रखने के लिए एक कमेटी बनाने का भी निर्देश दिया. ऐसा माना जा रहा है कि एनएचआरसी के नोटिस के बाद ही राव को निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है.
इससे पहले 28 मई को राव को जेजे अस्पताल ले जाया गया था जहां से उन्हें 1 जून को डिस्चार्ज कर दिया गया. राव के परिजनों का आरोप है कि उन्हें जरूरी इलाज और सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं. परिजनों ने कहा कि कोर्ट को लग रहा है कि राव की तबीयत सामान्य है. राव के भतीजे और लेखक एन. वेणुगोपाल ने कहा, शनिवार 1 बजे उन्हें नानावटी अस्पताल में दाखिल कराया गया. उन्हें कोरोना के हल्के लक्षण हैं. उनका न्यूरोलॉजिकल ट्रीटमेंट भी चल रहा है.
बता दें, अभी हाल में वरवरा राव की तबीयत ठीक नहीं होने पर उन्हें तालोजा जेल से जेजे हॉस्पिटल भेज दिया गया था. परिजनों ने कहा था कि जेल में राव की तबीयत लगातार बिगड़ रही है और कई कैदी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, इसलिए उनके बेहतर इलाज का प्रबंध किया जाए. पिछले महीने गीतकार जावेद अख्तर और नसीरुद्दीन शाह समेत देश के साढ़े तीन सौ से ज्यादा हस्तियों ने सरकार को पत्र लिखकर राव की तत्काल रिहाई की मांग की थी.