महाराष्ट्र पुलिस के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार को राकांपा नेता छगन भुजबल और उनके परिवार के सदस्यों की नासिक, मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में मौजूद अनेक संपत्तियों पर छापे मारे.
पूर्व लोक निर्माण विभाग मंत्री ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी-शिवसेना सरकार अभूतपूर्व तरीके से उन्हें निशाना बना रही है. संपत्ति में नासिक के पास उनका फार्महाउस ‘भुजबल फार्म’, नासिक में घर और दफ्तर, मनमाड में दफ्तर और येवला की जायदाद भी शामिल हैं जहां से वह विधानसभा सदस्य हैं.
ने एक बयान में कहा कि मुंबई में सात, ठाणे में दो, नासिक में पांच और पुणे में पांच ठिकानों पर छगन भुजबल, उनके बेटे विधायक पंकज भुजबल और भतीजे समीर भुजबल की संपत्तियों का पता लगाने के लिए छापे मारे गए.
और उनकी पत्नी मीना भुजबल, पंकज और उनकी पत्नी विशाखा, समीर भुजबल और उनकी पत्नी शैफाली की संपत्तियों पर सुबह 9:30 बजे एक साथ तलाशी शुरू हुई. जांच अधिकारी ज्ञानेश्वर अवारी ने कहा, 'हमने दस्तावेज एकत्रित करने के लिए तलाशी अभियान चलाया, जिन्हें महाराष्ट्र सदन घोटाले के सिलसिले में अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा.'
एसीबी ने इस महीने की शुरुआत में छगन भुजबल के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की थीं. इनमें से एक नई दिल्ली में महाराष्ट्र सदन के निर्माण में भ्रष्टाचार से जुड़ी है, वहीं दूसरी मुंबई के कलीना में एक प्रमुख भूखंड के आवंटन से संबंधित है.
इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए भुजबल ने कहा, 'मुझे याद नहीं है कि महाराष्ट्र के इतिहास में किसी सरकार ने इस तरह किसी को निशाना बनाया होगा, जिस तरह मौजूदा सरकार मेरे साथ कर रही है.' उन्होंने एक समाचार चैनल से कहा, 'अदालत ने आपसे जांच करने को कहा था. प्राथमिकी दर्ज करने को नहीं कहा था.'
भुजबल ने कहा, 'आप स्पष्ट देख सकते हैं कि जिन फैसलों की जांच हो रही है, उन्हें कैबिनेट की उप समिति ने लिया था. अगर मैं अपराधी हूं तो कागजों पर दस्तखत करने वाले, समिति की बैठकों में शामिल होने वाले, सभी अपराधी हैं.'
इनपुट: भाषा