पूर्व उड्डयन मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता प्रफुल्ल पटेल के मालिकाना हक वाली एक कमर्शियल बिल्डिंग की चार मंजिलों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अटैच कर दिया है. ED ने प्रफुल्ल पटेल पर ये कार्रवाई गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी इकबाल मिर्ची से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लेनदेन के सिलसिले में की है. NCP नेता के वर्ली स्थित कमर्शियल बिल्डिंग पर ये कार्रवाई की गई है.
वर्ली में सीजे हाउस एक बड़ी इमारत है. इस इमारत के बनने से पहले वहां एक छोटी सी इमारत थी. इमारत का मालिक गैंगस्टर इकबाल मिर्ची था.
इकबाल मिर्ची के परिवार को दी गई सीजे हाउस की दो मंजिलों को पहले वित्तीय जांच एजेंसी ने कुर्क किया था.
2019 में प्रफुल्ल पटेल से 12 घंटे पूछताछ
अक्टूबर 2019 में प्रफुल्ल पटेल से इस मामले में 12 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी. डीएचएफएल के प्रमोटर कपिल और धीरज वधावन को गिरफ्तार कर लिया गया. धीरज वधावन को बाद में जमानत मिल गई थी.
इकबाल मिर्ची भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित
इकबाल मिर्ची की पत्नी और बेटों को PMLA अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है. क्योंकि वह इस मामले में पेश नहीं हुआ था. ईडी ने दुबई और यूके में मिर्ची की संपत्तियों को भी कुर्क किया है.
उद्धव सरकार गिरने के बाद NCP के राष्ट्रीय स्तर के कई विभाग भंग
उधर, NCP अध्यक्ष शरद पवार ने पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के सभी विभाग और प्रकोष्ठों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है. यह फैसला महाराष्ट्र और किसी भी राज्य इकाई के यूनिट पर लागू नहीं होगा.
प्रफुल पटेल ने ट्वीट कर लिखा, "हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार साहब के अनुमोदन से राष्ट्रीय स्तर के सभी विभाग और प्रकोष्ठों को भंग कर दिया है, इनमें राष्ट्रवादी महिला कांग्रेस, राष्ट्रवादी युवा कांग्रेस और राष्ट्रवादी छात्र कांग्रेस शामिल नहीं हैं. इसके साथ ही महाराष्ट्र या किसी भी राज्य इकाई को भंग नहीं किया गया है."