मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में आंदोलनकारी किसानों पर पुलिस फायरिंग में 5 किसानों की मौत के बाद राज्य में भारी हंगामे का माहौल है. मंदसौर में गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह तोड़फोड़ की, वहीं 8-10 वाहिनों को आग के हवाले कर दिया. वहीं बारखेड़ा इलाके में पुलिस पर पथराव की भी खबर है. इस बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात कर दिया गया. उज्जैन में भी पुलिस पर लोगों ने पथराव किया. 4 जिलों में इंटरनेट पर भी रोक लगा दिया गया है. बुधवार शाम प्रदर्शनकारियों ने मंदसौर के कायमपुर में यूसीओ बैंक की ब्रांच में आग लगा दी. इस बीच मध्य प्रदेश के आई जी कानून-व्यवस्था ने मान लिया है कि मंदसौर में किसान आंदोलन के समय हालात बेकाबू होता देख पुलिस ने फायरिंग की थी.
आईजी कानून-व्यवस्था ने मानी पुलिस फायरिंग की बात
मकरंद देवसकर आईजी, लॉ एंड ऑर्डर ने आखिरकार मान लिया है कि मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान किसानों की मौत पुलिस फायरिंग की वजह से ही हुई थी. बुधवार शाम उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, "जांच के दौर यह स्पष्ट हुआ है कि वहां पुलिस ने फायरिंग की थी. लेकिन जिन परिस्थितियों में फायरिंग की गई, उसे बता पाना मुश्किल है. चूंकि अभी जांच पूरी नहीं हुई है इसलिए मैं अभी यह बताने में असमर्थ हूं कि कितने सुरक्षा बल का इस्तेमाल किया गया था. 10 और कंपनियों की मांग की गई है. स्थानीय प्रशासन निर्णय लेता है कि कर्फ्यू लगाया जाए या नहीं."
कलेक्टर से धक्कामुक्की
इससे पहले मंदसौर में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर स्वतंत्र सिंह के साथ धक्कामुक्की की और उनके कपड़े तक फाड़ दिए. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें और उनके साथ मौजूद अन्य अधिकारियों को वहां से खदेड़ दिया. प्रदर्शनकारी कलेक्टर और एसपी के इतनी देर से पहुंचने को लेकर नाराज थे. वहीं कलेक्टर ने बताया कि वहां गोलियां चलाने की इजाजत नहीं थी. मैंन उन्हें (किसानों को) कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
इस घटना को लेकर राज्य की सियासत गरमाने लगी है. कांग्रेस ने जहां इसे लेकर राज्य की बीजेपी सरकार को घेरते हुए राज्य भर में बंद का आह्वान किया है, वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसे कांग्रेस की सुनियोजित साजिश करार दिया है. इस बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज पीड़ित परिवारों से मिलने मंदसौर जाने वाले थे, लेकिन प्रशासन ने उनके हेलीकॉप्टर को लैंडिंग की इजाजत देने से इनकार कर दिया. वहीं राहुल की इस यात्रा से पहले उनकी करीबी मानी जाने वाली मिनाक्षी नटराजन को पुलिस को हिरासत में ले लिया है. अब राहुल गांधी गुरुवार सुबह 9 बजे के करीब फायरिंग में मारे गए किसानों के घरवालों से मिलेंगे. राहुल उदयपुर के रास्ते मध्यप्रदेश में प्रवेश करेंगे. राहुल गांधी के साथ शरद यादव, कमलनाथ और मोहन प्रकाश भी होंगे. हालांकि उन्हें इजाजत नहीं मिली है.
Will be in tomorrow to meet the families of farmers who lost their lives in the police firing yesterday
— Office of RG (@OfficeOfRG)
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने इससे पहले बीजेपी सरकार पर देश के किसानों के साथ 'युद्ध' करने का आरोप लगाया. राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'यह सरकार हमारे देश के किसानों के साथ युद्ध कर रही है.' अगले ट्वीट में राहुल ने सवाल पूछते हुए कहा, 'बीजेपी के न्यू इंडिया में हक मांगने पर हमारे अन्नदाताओं को गोली मिलती है?'
This Govt is at war with the farmers of our country
— Office of RG (@OfficeOfRG)
वहीं कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे काला दिन करार देते हुए कहा कि सत्ता के नशे में चूर सरकार किसानों के अधिकार की लड़ाई को कुचलना चाहती है. सिंधिया ने इसे प्रदेश के लिए काला दिन बताते हुए ट्वीट किया, 'मध्य प्रदेश के इतिहास में आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ. हमारे अन्नदाताओं पर गोली चलाना दुखदायी और दिल को दहलाने वाला है. प्रदेश के लिए ये एक काला दिन है.' सिंधिया ने साथ ही कहा कि अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे अन्नदाताओं के खिलाफ सत्ता के नशे में मगरूर सरकार तानाशाहपूर्ण तरीके से उनकी आवाज को कुचलना चाहती है. उन्होंने इसे लेकर अपना एक विडियो भी जारी किया है.
आज का यह दिन, मध्य प्रदेश के इतिहास में काले दिन के रूप में जाना जाएगा, अन्नदाताओं पर गोली चलना बेहद दुखदायी!
— Jyotiraditya Scindia (@JM_Scindia)
बता दें कि अपनी फसलों के लिए सही दाम सहित 20 सूत्री मांगों को लेकर राज्य में पिछले 1 जून से किसान आंदोलन कर रहे थे. इसी दौरान मंदसौर में विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और यहां हुई गोलीबारी में 5 किसानों की मौत हो गई. चश्मदीदों ने पुलिस पर फायरिंग का आरोप लगाया है, हालांकि जिला प्रशासन ने किसानों के उग्र होने के बावजूद उन पर पुलिस फायरिंग से इनकार किया है. इस घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में कर्फ्यू लगा दिया है, वहीं आप-पास के इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थी.
कांग्रेस से जुड़े राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ने मंदसौर में हुई किसानों की मौत के विरोध में बुधवार को राज्य भर में बंद का आह्वान किया है. इस बीच पड़ोसी रतलाम जिले के पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने इस घटना के बाद फरार बताए जा रहे किसान नेता और कांग्रेस से जुड़े डीपी धाकड़, राजेश भार्गव और भगवती पाटीदार की गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया है.
इस बीच सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मंदसौर हिंसा में मारे गए 6 किसानों के परिजनों के लिए एक-एक करोड़ रुपये मुआवजे और गंभीर रूप से घायलों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है. इसके अलावा मृतक किसानों के परिवार में से एक सदस्य को नौकरी भी दिए जाने की घोषणा की है. इससे पहले मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे की राशि 10 लाख रखी थी, हालांकि राज्य में बढ़ते विवाद और किसानों के गुस्से को देखते हुए उन्होंने इसे बढ़ाने का ऐलान किया.
: CM Shivraj Chouhan appeals farmers to be peaceful, announces Rs 1 cr for families of deceased, 5 lakh for those injured in Mandsaur
— ANI (@ANI_news)
सीएम शिवराज ने विरोध-प्रदर्शन का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस ने हिंसा भड़काने का सुनियोजित प्रयास किया, जिसकी बलि कुछ साथी चढ़ गए. मंदसौर की घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए शिवराज ने किसानों से धैर्य रखने की अपील की और कहा कि वे किसी के बहकावे में ना आएं.