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CM हाउस के बाहर आत्मदाह की दी थी धमकी, अब देव मुरारी बापू ने लिया यू-टर्न

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के घर के सामने आत्मदाह की चेतावनी देने वाले कथावाचक आचार्य देव मुरारी बापू ने यू-टर्न ले लिया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ से उचित सम्मान का आश्वासन मिलने के बाद वह अब आत्मदाह नहीं करेंगे. रविवार को देव मुरारी बापू ने कहा था कि वह सोमवार को सीएम हाउस के सामने आत्मदाह करेंगे.

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कथावाचक देव मुरारी बापू
कथावाचक देव मुरारी बापू

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के घर के सामने आत्मदाह की चेतावनी देने वाले कथावाचक आचार्य देव मुरारी बापू ने यू-टर्न ले लिया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ से उचित सम्मान का आश्वासन मिलने के बाद वह अब आत्मदाह नहीं करेंगे. रविवार को देव मुरारी बापू ने कहा था कि वह सोमवार को सीएम हाउस के सामने आत्मदाह करेंगे.

आजतक से खास बातचीत में देव मुरारी बापू ने कहा था कि वह सीएम कमलनाथ से खफा हैं. उन्होंने कहा था कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस के पक्ष में प्रचार किया था. उन्हें तब यह आश्वासन दिया गया था कि अगर प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनी तो उन्हें सम्मान दिया जाएगा. लेकिन चुनाव में जीत हासिल करने के बाद कमलनाथ सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया.

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देव मुरारी बापू का आरोप था कि उन्होंने सीएम कमलनाथ से मध्य प्रदेश गौ-संवर्द्धन बोर्ड अध्यक्ष का पद मांगा था. लेकिन अब तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का चुनाव प्रचार करने के कारण उन्हें जान से मारने की भी धमकी मिल चुकी है. बाद में जब उन्होंने अपने लिए सीएम कमलनाथ से सिक्योरिटी मांगी तो उसे भी खारिज कर दिया गया.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और मुख्यमंत्री कमलनाथ के बर्ताव से वह अपमानित महसूस कर रहे हैं. लिहाजा वह अब सोमवार को सीएम आवास के बाहर आत्मदाह करेंगे. हालांकि अब उन्होंने अपना फैसला बदल लिया है. उनका यह भी कहना है कि कांग्रेस के लिए प्रचार करने की वजह से उनकी कथा सुनने वालों की संख्या में भी कमी आई है. कई समर्थक और अनुयायी उन पर राजनीति का आरोप लगातार दूर जा चुके हैं.

देव मुरारी बापू ने कहा था कि कांग्रेस सरकार ने स्वामी सुबुद्धनंद को मध्य प्रदेश मठ-मन्दिर समिति का अध्यक्ष बना दिया और कंप्यूटर बाबा को नदी न्यास का अध्यक्ष बनाया दिया, लेकिन गौ-संवर्धन बोर्ड का अध्यक्ष बनने की उनकी मांग को अबतक अनसुना किया जा रहा है.

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