कहते हैं अपराधी कितना ही होशियार क्यों ना हो, लेकिन अपने पीछे सुराग छोड़ ही जाता है. भोपाल में एक दृष्टिहीन महिला बैंक अफसर के साथ रेप करने वाला भी अपराध के बाद छोड़े गए सुराग यानी 'उसकी अपनी आवाज' से ऐसे ही पकड़ में आया. दरअसल, महिला बैंक अफसर का रेप करने के आरोपी को भोपाल पुलिस ने उसकी आवाज की वजह से ही पकड़ने में कामयाबी पायी है.
एएसपी संजय साहू ने बताया कि रेप की वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गया था, लेकिन इस दौरान उसने महिला को कई बार धमकाया था जिसका जिक्र महिला ने पुलिस को दिए अपने बयान में किया था. पुलिस ने जब घटना की जांच शुरू की तो पाया कि महिला के घर से आरोपी ने एक पायल और कुछ नगद भी चुराए थे.
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वहीं, महिला के फोन की सिम जिस जगह जाकर बंद हुई थी, पुलिस ने अपना नेटवर्क वहां फैला दिया था.अब पुलिस के सामने चुनौती थी कि आरोपी की पहचान कैसे की जाए. इसके लिए पुलिस ने इलाके के निगरानीशुदा बदमाशों की सूची बनाई और करीब 20 बदमाशों को हिरासत में लिया. अब पुलिस के सामने समस्या ये थी कि महिला से आरोपी की शिनाख्त कैसे करवाया जाए क्योंकि महिला देख नहीं सकती जिससे कि आरोपी का हुलिया वो पहचान ले.
ऐसे में पुलिस ने तरकीब निकाली और सभी से वहीं धमकी देने को कहा जो धमकी पीड़िता ने अपने बयान में लिखवाई थी. इसके बाद पुलिस ने सभी 20 लोगों की आवाज़ रिकॉर्ड की और शिनाख्ती के लिए पीड़िता को सुनाया. इन सब रिकॉर्डिंग में से पीड़िता ने जिस आरोपी की आवाज़ को पहचाना उससे पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की लेकिन उसने अपना जुर्म नहीं कबूला.
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इसके बाद पुलिस ने जब उसे बताया कि उसके पास से जो फोन बरामद हुआ है उसमें दृष्टिहीन लोगों की सुविधा के लिए एक ऐप डाऊनलोड है जो पीड़िता ने ही डाउनलोड करवाया था. आरोपी ने सिम तो फेंक दी थी, लेकिन मोबाइल के अंदर डाउनलोड किए गए ऐप पर उसकी नज़र नहीं गयी. कोई रास्ता ना देख आखिरकार आरोपी ने अपना गुनाह कबूल लिया.
कन्टेंटमेंट ज़ोन में रहता है आरोपी
एएसपी संजय साहू के मुताबिक आरोपी की धरपकड़ आसान नहीं थी क्योंकि फोन की सिम जिस लोकेशन में बंद हुई थी वो कन्टेंटमेंट ज़ोन है, जहां बीते दिनों 5 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. ऐसे में पुलिस टीम ने पीपीई किट पहन कर इलाके में सुराग तलाशने शुरू किए और एक-एक कर इलाके के निगरानीशुदा बदमाशो को हिरासत में लेना शुरू किया. आखिरकार पुलिस को आरोपी पकड़ने में सफलता मिल गयी.