झारखंड के मनोहरपुर में एक परिवार पर दुख का पहाड़ टूटा है; उनके मरीन इंजीनियर बेटे अहलादनंदन महतो की 27 मार्च को ईरान में मौत हो गई. एक महीने के इंतजार और विदेश मंत्रालय से संपर्क के बाद जब शव घर पहुंचा, तो पता चला कि वह उत्तर प्रदेश के शिवेंद्र प्रताप सिंह का है, जो उसी जहाज पर काम करते थे. अब पीड़ित परिवार अपने बेटे के शव के अंतिम दर्शन के लिए गुहार लगा रहा है.