राजधानी दिल्ली से रांची पहुंचे जमीयत उलेमा ए हिंद (Jamiat Ulema I Hind) के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कडरू इलाके के मदरसा हुसैनिया में एक प्रेस कांफ्रेंस करने की कोशिश कर रहे थे. इस बात की सूचना पर ग्रामीण एसपी नौशाद आलम और अरगोड़ा थाना प्रभारी विनोद कुमार मौके पर पहुंच गए और उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस को रोक दिया. इस दौरान एक स्थानीय शख्स ने मौलाना पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया. शख्स का कहना है कि बाहर से आकर उन्हें यहां सहानुभूति जताने और लोगों को भड़काने की जरूरत नहीं है.
रांची में हिंसक घटना के बाद माहौल तेजी से सुधर रहा है. इस बीच दिल्ली से रांची पहुंचे जमीयत उलेमा ए हिंद के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था, लेकिन मौके पर ग्रामीण एसपी नौशाद आलम और अरगोड़ा थाना प्रभारी विनोद कुमार पहुंच गए और पीसी को रुकवा दिया. उन्होंने कहा कि पूरे शहर में 144 धारा लागू है. ऐसे में प्रेस कॉन्फ्रेंस करना कानूनी तौर पर जायज नहीं है.
मीडिया से बातचीत करते हुए मौलाना हकीमुद्दीन ने इस घटना में मारे गए लोगों के लिए सरकार से उचित मुआवजे की मांग की. उन्होंने कहा कि देश में अमन और शांति बिगड़ गई है. उन्होंने लोगों से देशभर में अमन और शांति बनाए रखने की अपील की है. जब मौलाना मीडिया से बात कर रहे थे, उसी दौरान एक स्थानीय व्यक्ति ने मौलाना हकीमुद्दीन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रांची शहर की परेशानियों को बताने के लिए बाहर से लोग क्यों आ रहे हैं.
स्थानीय व्यक्ति ने आरोप लगाया कि बाहरी लोग आकर ही फसाद करवा रहे हैं. ऐसे लोग रांची शहर के अमन चैन को खराब कर रहे हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जमावड़ा हो रहा है और इससे विवाद फैलता है. स्थानीय व्यक्ति ने आरोप लगाया कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश से रांची तक हिंसा फैलाने की कोशिश हो रही है.