झारखंड के गढ़वा जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया. चिनिया थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव के पत्थरपनिया जंगल में पेड़ से लटका मिला एक शव शुरुआत में आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो कहानी पूरी तरह बदल गई. पुलिस के अनुसार यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी. मामले में मृतक की पत्नी और उसके छोटे भाई को गिरफ्तार किया गया है. दोनों पर आरोप है कि उन्होंने अवैध संबंध का राज खुलने के डर से मिलकर हत्या की और फिर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की.
मृतक की पहचान गोला कोरवा के रूप में हुई थी. 11 जुलाई को उसका शव गमछे के सहारे जंगल में एक पेड़ से लटका मिला था. घटना के बाद इलाके में चर्चा थी कि गोला कोरवा ने आत्महत्या कर ली है. हालांकि मृतक की मां को शुरू से ही इस बात पर भरोसा नहीं था. उनका कहना था कि उनके बेटे ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या हुई है. इसी संदेह के आधार पर परिजनों ने पुलिस को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.
परिजनों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की. शुरुआती जांच में आत्महत्या जैसा दिखाई देने वाला मामला धीरे-धीरे हत्या में बदल गया. पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए और मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की. जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के छोटे भाई नारायण कोरवा को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसका अपने बड़े भाई की पत्नी सकलपतीया देवी के साथ अवैध संबंध था.
पेड़ से लटका मिला था गोला कोरवा का शव
पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन गोला कोरवा ने जंगल में दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था. इसके बाद दोनों को डर था कि अगर यह बात गांव और समाज में फैल गई तो बदनामी होगी. इसी वजह से दोनों ने मिलकर गोला कोरवा की हत्या करने की साजिश रची. पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने पहले गोला कोरवा की हत्या की. इसके बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए उसके शव को गमछे के सहारे पेड़ से लटका दिया, ताकि किसी को हत्या का शक न हो और मामला आत्महत्या मान लिया जाए.
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए मृतक की पत्नी सकलपतीया देवी को भी गिरफ्तार किया. पूछताछ में उसने भी हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली. इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया. मामले में अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है. इस पूरे मामले की जानकारी गढ़वा के डीएसपी रोहित रंजन सिंह ने सोमवार को चिनिया थाना परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. उन्होंने बताया कि 11 जुलाई को पाल्हे गांव के जंगल में गोला कोरवा का शव पेड़ से लटका मिला था. पहली नजर में मामला आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन परिजनों की ओर से हत्या की आशंका जताने के बाद पुलिस ने हर पहलू से जांच की.
पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जुटाए गए साक्ष्य जुटाए
डीएसपी ने बताया कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर सच्चाई सामने आई. उन्होंने कहा कि पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए और बेहद कम समय में इस चर्चित हत्याकांड का खुलासा कर दिया. पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है. पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है. दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और केस से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है. इस मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया, जब एक मां ने अपने बेटे की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार कर दिया. उनके संदेह के बाद शुरू हुई पुलिस जांच ने 48 घंटे के भीतर पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया. अब इस मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है.