मई की चिलचिलाती गर्मी में मैदानी इलाकों में जहां लोग परेशान हैं तो वहीं, ऊंचे पहाड़ों पर प्रकृति ने सबको चौंका दिया है. 21 मई को जोजिला पास के पास मिनामार्ग और सोनमर्ग इलाके में बर्फबारी हुई है. जिससे पूरा इलाका सफेद बर्फ की चादर से ढक गया है. उत्तर भारत में जारी भीषण गर्मी के बीच बर्फ से ढके पहाड़ देखने में बेहद खूबसूरत लग रहे हैं.
नीचे के मैदानी इलाकों में जहां गर्मी से लोग बेहाल हैं, वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में अचानक तापमान में गिरावट आई है. मई में हुई इस बर्फबारी के कारण श्रीनगर-लद्दाख रोड को यातायात के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. करीब 3.5 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित जोजिला पास पर बर्फ जमा होने से सफर करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है. प्रशासन की टीमें सड़क को जल्द साफ करने में जुटी हैं.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश का अनुमान जताया है. मई के महीने में जोजिला जैसे ऊंचे दर्रे पर बर्फबारी दुर्लभ मानी जाती है. विशेषज्ञ इसे पश्चिमी विक्षोभ और जलवायु परिवर्तन से जुड़े अनियमित मौसम का नतीजा बता रहे हैं. IMD के मुताबिक, तीन दिनों तक आंधी-बारिश का भी पूर्वानुमान है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे रहने की उम्मीद है.
मई में बर्फबारी क्यों?
मई के महीने में आमतौर पर इन ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ पिघलने लगती है और सड़कें खुल जाती हैं. लेकिन इस बार मौसम का मिजाज अलग है. विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) की वजह से बर्फबारी का सिलसिया देखने को मिला है.
ये विक्षोभ दूर समुद्रों से नमी लेकर आते हैं, जो ठंडी पहाड़ी हवाओं से टकराते हैं. नतीजतन ऊंचाई पर बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश-आंधी देखने को मिल रही है. यह अनौखा मौसम जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की वजह से हो रहे बदलावों का संकेत है.
बता दें कि देश के कई राज्यों में तापमान 42 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है. लोग गर्मी से बचने के लिए घरों के अंदर रहने को मजबूर हैं. वहीं, पहाड़ी इलाकों में लोग बर्फबारी का मजा ले रहे हैं.