जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता आशिक हुसैन फक्तू की पत्नी आसिया अंद्राबी ने मसरत आलम की का खुला समर्थन किया है.
उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा, 'वो हमें गिरफ्तार कर सकते हैं पर हमारी भावना को नहीं. में कुछ भी नया और गलत नहीं है. हम पाकिस्तान के झंडे आगे भी फहराते रहेंगे.'
गौरतलब है कि अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और उनके समर्थकों ने नई दिल्ली से लौटने पर बुधवार को श्रीनगर में रैली का आयोजन किया. इस रैली में मसरत आलम भी शामिल हुआ. इस दौरान अलगाववादी नेता मसरत आलम ने का नारा लगाया. गिलानी की इस रैली में पाकिस्तानी झंडे भी लहराए गए.
मसरत आलम के खिलाफ कार्रवाई पर विचार चल रहा है. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात के बाद कहा कि कानून के मुताबिक मसरत के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. मुफ्ती ने इस बाबत कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं. पाकिस्तान झंडा लहराने और भड़काऊ नारे लगाने पर मसरत, गिलानी, बशीर अहमद भट्ट समेत कई लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया. बड़गाम पथाने में आईपीसी की धारा 120-B, 147, 341, 336, और 427 के तहत केस दर्ज किया गया है. हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
अलगाववादी नेता मसरत आलम को अपनी इस करतूत का कोई अफसोस नहीं. उसने कहा, 'मुझे नारेबाजी पर पछतावा नहीं है. गिरफ्तार करना है तो कर लो, हमें इससे डर नहीं लगता.' हाल ही में जेल से रिहा हुए मसरत ने कहा, 'मेरे खिलाफ कई एफआईआर दर्ज, एक और सही, लेकिन मेरा संघर्ष जारी रहेगा.'