जम्मू-कश्मीर में बडगाम पुलिस ने दूधपथरी के पालमैदान इलाके में एक बैग बरामद किया है, जिसमें दवाइयां और खाने का सामान रखा था. यह वही इलाका है, जहां 29 सितंबर को हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर हाशिम मूसा सुरक्षाबलों के साथ गोलीबारी में मारा गया था. पुलिस का मानना है कि यह सामान मारे गए आतंकी के इस्तेमाल के लिए था. इस बरामदगी के बाद उसे मदद पहुंचाने वाले नेटवर्क की जांच चल रही है.
29 सितंबर को सुरक्षाबलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर मिलकर कार्रवाई की थी. इसी कार्रवाई के दौरान दूधपथरी के पालमैदान में मुठभेड़ हुई और गोलीबारी हुई. इस मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर हाशिम मूसा मारा गया. अब इसी मुठभेड़ की जांच के दौरान बडगाम पुलिस को घटनास्थल के आसपास से एक बैग मिला. बैग में दवाइयां और खाने पीने की चीजें थीं. पुलिस को शक है कि यह सामान मारे गए आतंकी तक पहुंचाने के लिए रखा गया था.
यह बरामदगी इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि हाशिम मूसा उस इलाके में कैसे मौजूद था. पुलिस यह भी पता लगाना चाहती है कि उसे खाने और दवा जैसी जरूरी चीजें पहुंचाने वाले लोग कौन थे.
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बडगाम पुलिस बरामदगी से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है. इसमें तीन बातें खास हैं. पहली, यह सामान कहां से आया. दूसरी, इसे उस जगह पर किन हालात में रखा गया. तीसरी, इसमें ओवरग्राउंड वर्करों, साजिश में शामिल लोगों और दूसरे सहयोगियों की कितनी भूमिका रही. ओवरग्राउंड वर्कर उन लोगों को कहा जाता है जो आम जिंदगी जीते हुए आतंकियों की मदद करते हैं. पुलिस का कहना है कि इस संदिग्ध सपोर्ट नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति की पहचान की जाएगी और उसकी भूमिका तय की जाएगी.
यह पूरी जांच पुलिस थाना खानसाहिब में दर्ज एफआईआर नंबर 181/2026 का हिस्सा है. मामला संबंधित धाराओं में दर्ज है. पुलिस का मकसद आतंकियों को मदद देने वाले बड़े नेटवर्क का पता लगाना और इसमें शामिल सभी लोगों को कानून के सामने लाना है. बैग की बरामदगी को इसी लगातार चल रही जांच की अगली कड़ी माना जा रहा है. जांच अभी जारी है.