हरियाणा के डीजीपी डॉ. केपी सिंह एक बयान के बाद विवादों में घिर गए हैं. डीजीपी के मुताबिक अगर अपराधी रेप जैसी वारदात को अंजाम देता है या फिर किसी संपत्ति को जलाता है तो आम आदमी को भी ऐसे अपराधी को जान से मारने का अधिकार है.
Agar koi kisi ghar ko jalata hai,jaan se maarne ki koshish krta h to kanoon 1 aam naagrik ko adhikar deta h ki wo uski jaan lele:Haryana DGP
— ANI (@ANI_news)
पुलिस के कार्यक्रम में डीजीपी का बयान
डीजीपी जींद में पंचायती राज और में बोल रहे थे. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर आगे से कोई ऐसा आंदोलन प्रदेश में होता है तो, उपद्रवियों को कड़ा जवाब दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पुलिस ने तो वर्दी पहनी है, उसकी ड्यूटी बनती है. लेकिन आम आदमी भी इस प्रकार के मामलों में अपराधी की हत्या कर सकता है. डीजीपी की मानें तो ऐसे मामलों में कानून अधिकार देता है कि वो मारने की कोशिश करने वाले की जान ले ले.
Haryana DGP: If someone insults a woman or tries to kill a person,then common man has right to take criminal's life
— ANI (@ANI_news)
हरियाणा में अपराध बढ़ने से पुलिस-प्रशासन परेशान
दरअसल हरियाणा में पिछले कुछ समय के अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी देखने की मिली है, पुलिस और प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम फिलहाल नाकाफी साबित हो रहे हैं. वहीं जाट आरक्षण के दौरान हुई के बाद पुलिस-प्रशासन की जमकर किरकिरी हुई थी. पुलिस पर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे हैं. लेकिन डीजीपी का अपराध रोकने के लिए ताजा बयान ने एक और विवाद को जन्म दे दिया है.
If someone insults a woman or tries to kill a person,then common man has right to take his(criminal)life:DGP Haryana
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जाट आंदोलन के बाद हरियाणा से डीजीपी बने केपी सिंह
डीजीपी डॉ. के पी सिंह 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें के बाद हरियाणा का डीजीपी नियुक्त किया है. जाट आंदोलन के दौरान हरियाणा के डीजीपी यशपाल सिंघल थे, जिन्हें मामले को सही से हैंडल नहीं करने की वजह से आंदोलन के बाद पद से हटा दिया गया था और फिर केपी सिंह को डीजीपी नियुक्त किया गया.