हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को अपनी हड़ताल 14 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया और राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह उनकी चिंताओं पर ध्यान नहीं दे रही है. सफाई कर्मचारियों की इस हड़ताल के चलते पिछले 12 दिनों से कचरा नहीं उठ रहा है. जिससे राज्य में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है.
ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने मांग की कि सरकार को हड़ताली कर्मचारियों के नेताओं के साथ तुरंत बातचीत करनी चाहिए, ताकि उनकी मांगों को सुलझाया जा सके. पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि पूरे राज्य में सफाई के हालात बहुत खराब हैं. हर जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं, सड़कों और गलियों में कूड़ा बिखरा पड़ा है.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस चिंताजनक स्थिति के बावजूद, BJP सरकार बेखबर बनी हुई है और इस संकट को नज़रअंदाज़ कर रही है. हुड्डा ने उन सफाई कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया जो पिछले दस दिनों से हड़ताल पर हैं. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें जायज़ हैं और सरकार से आग्रह किया कि वह तुरंत बातचीत शुरू करे.
इन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं कर्मचारी
सफाई कर्मचारियों की मांगों में ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों को पक्का करना, न्यूनतम मज़दूरी लागू करना और फायर सर्विस के कर्मचारियों की लंबे समय से अटकी मांगों को पूरा करना शामिल है. साथ ही कर्मचारी फरीदाबाद फायर हादसे में मारे जाने वाले कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिए जाने और उनके परिवारों के नौकरी पर रखने की मांग कर रहे हैं.
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने राज्य की BJP सरकार पर आरोप लगाया कि वह हड़ताली कर्मचारियों की मांगों के प्रति अड़ियल रवैया अपना रही है. सुरजेवाला ने कहा कि अकेले गुरुग्राम में ही 3,500 मीट्रिक टन से ज़्यादा कूड़ा सड़कों, बड़ी रिहायशी कॉलोनियों और चौराहों पर सड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि हर जगह बिखरे कूड़े से डेंगू और मलेरिया जैसी जानलेवा महामारियां फैलने का तुरंत खतरा पैदा हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों की जायज़ मांगों को नज़रअंदाज़ करके सरकार ने लाखों लोगों की जान खतरे में डाल दी है.
कांग्रेस बोली, बीमारियां फैलने का है डर
कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि हरियाणा स्वास्थ्य आपातकाल की कगार पर है, क्योंकि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सड़कों पर टन-के-टन कूड़ा जमा हो रहा है, जिसमें गुरुग्राम, हिसार, फरीदाबाद और दूसरे शहर भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार को इस संकट को सुलझाने के लिए तुरंत दखल देना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर कोई महामारी फैलती है, तो ज़रा सी भी लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है.
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने सरकार पर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की मांगों के प्रति अड़ियल रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि नगर निगम कर्मचारी संघ ने हड़ताल को 14 मई तक बढ़ाने का फैसला किया है. शास्त्री ने सरकार से पूछा कि अगर दूसरे सभी विभागों में ठेका प्रथा खत्म कर दी गई है, तो सफाई कर्मचारियों के लिए यह क्यों जारी है? अगर अलग-अलग विभागों में ग्रुप D और C कर्मचारियों के लिए कुछ भर्तियां की गईं, तो सफाई कर्मचारियों के लिए स्थायी पद क्यों नहीं बनाए गए?
2014 के चुनावी घोषणापत्र की मांग पर अड़े कर्मचारी
सरकार अपने 2014 के चुनावी घोषणापत्र में सफाई कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने का जो वादा किया था, उसे पूरा करने में नाकाम क्यों रही है?" आपको बता दें कि जैसे-जैसे हड़ताल जारी रही है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बाज़ारों और सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर जमा हो गए. कुछ जगहों पर सफाई कर्मचारियों ने विरोध मार्च निकाला, तो वहीं महिला कर्मचारियों ने "थाली बजाओ, सरकार जगाओ" विरोध प्रदर्शन किया.
इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) ने भी हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया है. INLD के अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की मांगों को मानने से इनकार करके सरकार ने राज्य के सफाई कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर कर दिया है. उन्होंने कहा कि हड़ताल के चलते पूरे राज्य की सफाई व्यवस्था ठप हो गई है. कूड़ा न उठने की वजह से जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद BJP सरकार मूक दर्शक बनकर यह सब तमाशा देख रही है.
उन्होंने दावा किया कि BJP सरकार को जनता के स्वास्थ्य की कोई परवाह नहीं है. कांग्रेस के भूपिंदर हुड्डा ने कहा कि वे सफाई कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हैं. सरकार को उनकी मांगें मानकर इस हड़ताल को खत्म करवाना चाहिए. हुड्डा ने यह भी कहा कि हर जगह कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं, सड़कों और गलियों में कूड़ा बिखरा पड़ा है; ऊपर से बारिश ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है, जिससे गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है.
(इनपुट- पवन कुमार)