हरियाणा की साइबर सिटी गुरुग्राम के सेक्टर-10 से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला पर एसिड अटैक की सूचना मिलने के बाद जब पुलिस ने गहराई से जांच की, तो परत-दर-परत कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. पुलिस के मुताबिक, यह हमला आपसी रंजिश के चलते किसी और पर किया जाना था, लेकिन कपड़ों के समान रंग की वजह से एक निर्दोष महिला इसका शिकार हो गई.
क्या है पूरा मामला?
बीती रात करीब 8:30 बजे गुरुग्राम पुलिस को सेक्टर-10 के सिविल अस्पताल से सूचना मिली कि एक महिला पर तेजाब फेंका गया है. पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर महिला का बयान दर्ज किया. महिला ने बताया कि वह पवन नामक व्यक्ति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती है और उसने पवन पर मारपीट और एसिड फेंकने का आरोप लगाया.
पुलिस जांच में चौंकाने वाला मोड़
पुलिस ने जब इस मामले की गहराई से तफ्तीश की, तो कहानी कुछ और ही निकली. गुरुग्राम पुलिस के अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि अस्पताल में उसी समय एक और महिला अपने इलाज के लिए आई हुई थी. आरोपी महिला, जिसका नाम साक्षी है, उसका अपने पति और उसकी लिव-इन पार्टनर (दूसरी महिला) से विवाद चल रहा था. साक्षी अपने पति की पार्टनर पर हमला करने के इरादे से अस्पताल आई थी. लेकिन जिस महिला पर हमला हुआ, उसने भी उसी रंग के कपड़े पहने थे जो साक्षी की 'टारगेट' महिला ने पहने थे. अंधेरे और जल्दबाजी में साक्षी ने बिना चेहरा देखे, गलतफहमी में दूसरी महिला पर टॉयलेट क्लीनर फेंक दिया.
पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं. बादशाहपुर पुलिस स्टेशन में पवन के खिलाफ मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. दूसरा हमले का मामला है जिसमें सेक्टर-10 पुलिस स्टेशन में एसिड (टॉयलेट क्लीनर) फेंकने के आरोप में साक्षी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. पीड़िता को प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था. डॉक्टरों के अनुसार, महिला की हालत पूरी तरह स्थिर है और उसके शरीर पर जलने के कोई गहरे निशान नहीं हैं. उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.