शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले माफियाओं के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए, गुरुग्राम के सेक्टर-9B स्थित Educrest International School के चेयरमैन को गिरफ्तार किया है. स्कूल द्वारा छात्रों और अभिभावकों को सीबीएसई (CBSE) की फर्जी मान्यता दिखाकर ठगने के मामले में पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की है. वहीं, अन्य आरोपियो की धरपकड़ के लिए भी छापेमारी तेज कर दी है.
गौरतलब है कि 10वीं कक्षा की एक छात्रा के अभिभावक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि स्कूल प्रबंधन ने एडमिशन के समय स्कूल को सीबीएसई से मान्यता प्राप्त बताया था, और बकायदा फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर भी दिखाया था.
अभिभावकों से बिल्डिंग फंड, कंप्यूटर शुल्क और परीक्षा फीस के नाम पर मोटी रकम वसूली गई, लेकिन जब बोर्ड परीक्षा का समय आया तो छात्रा को एडमिट कार्ड ही नहीं दिया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने जांच क्राइम यूनिट को सौंपी. क्राइम यूनिट मानेसर की टीम ने जाल बिछाया और 6 मार्च 2026 को बिलासपुर चौक से स्कूल के चेयरमैन विनीत कटारिया (38 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया.
25 बच्चों का भविष्य दांव पर
पुलिस पूछताछ में आरोपी विनीत ने कुबूल किया कि वह पिछले 8 सालों से स्कूल चला रहा है. स्कूल के पास केवल 8वीं कक्षा तक की मान्यता थी. अधिक पैसा कमाने के लालच में उसने 10वीं कक्षा की फर्जी मान्यता दिखाई और करीब 25 बच्चों का भविष्य दांव पर लगा दिया. इन छात्रों का पूरा एक साल अब अधर में लटक गया है.
गुरुग्राम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 316(2) और 3(5) के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का केस दर्ज किया है. इस मामले में रिद्धिमा कटारिया प्रिंसिपल,सिमर बत्रा वाइस प्रिंसिपल,सोनिया (कोऑर्डिनेटर) को भी नामजद किया गया है.
वहीं गुरुग्राम पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वह अपने बच्चो का किसी भी स्कूल में दाखिला दिलाने से पहले उसकी मान्यता (Affiliation) की आधिकारिक पुष्टि सीबीएसई की वेबसाइट पर जरूर कर लें. बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.