ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाकर बेहोश कर लूटने वाले एक शातिर आरोपी को अहमदाबाद वेस्टर्न रेलवे की एलसीबी टीम ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी लंबे समय से देशभर की ट्रेनों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था. खास बात यह है कि वह मोबाइल फोन चोरी करने के बजाय उनमें से सिम कार्ड निकाल लेता था और एटीएम कार्ड का पिन बदलकर नकदी निकालता था.
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान दिल्ली निवासी अमित कुमार ठाकुर के रूप में हुई है. वह 2022 से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था. आरोपी ट्रेनों के स्लीपर कोच में टिकट लेकर सफर करता था और अकेले यात्रियों को अपना शिकार बनाता था. वह पहले उनसे दोस्ती करता था और फिर खाने-पीने की चीजों में नींद की गोलियां मिलाकर उन्हें बेहोश कर देता था. इसके बाद वह नकदी, गहने, एटीएम कार्ड और मोबाइल से सिम कार्ड निकालकर फरार हो जाता था.
नींद की गोलियां मिलाकर यात्रियों को करता था बेहोश
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब रेलवे पुलिस को लगातार यात्रियों को बेहोश कर लूटने की शिकायतें मिल रही थीं. इसके बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. जांच में आरोपी की पहचान होने के बाद एलसीबी टीम ने दिल्ली में उसके घर के आसपास सात दिनों तक निगरानी रखी. इस दौरान पुलिसकर्मियों ने मजदूर, गुब्बारा चालक और ट्रक चालक का भेष अपनाया.
लगातार निगरानी के बाद आखिरकार आरोपी को उसके घर लौटते समय गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक आरोपी चौथी कक्षा तक ही पढ़ा है, लेकिन उसने एटीएम कार्ड से पैसे निकालने का तरीका सीख लिया था. वह मोबाइल चोरी करने के बजाय सिम कार्ड निकालकर और एटीएम कार्ड का पिन बदलकर पैसे निकालता था.
मोबाइल नहीं, सिम और एटीएम कार्ड बनता था निशाना
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी 15 दिनों के लिए लगातार यात्रा करता था और अलग-अलग राज्यों में जाकर यात्रियों को निशाना बनाता था. वह दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन से टिकट बुक करता था और उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान तक यात्रा करता था.
डीवाईएसपी चेतन मुंधवा ने बताया कि आरोपी चोरी के पैसों से ही अगली यात्रा की योजना बनाता था और लगातार अपने शिकार बदलता रहता था. पुलिस ने आरोपी के पास से करीब दो लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान बरामद किया है. पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी से राज्यभर में रेलवे चोरी के करीब 25 मामलों का खुलासा हुआ है. फिलहाल आरोपी से आगे की पूछताछ की जा रही है और उसके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है.